मछली पालन से बदल जाएगी किस्मत! हरियाणा सरकार दे रही है 60% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
Apr 25, 2026 1:19 PM
सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले समेत पश्चिमी बेल्ट के उन किसानों के लिए राहत भरी खबर है जिनकी जमीनें जलभराव या खारे पानी की वजह से बंजर होती जा रही थीं। जिला मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र ठकराल ने किसान जागरूकता शिविर के दौरान जानकारी दी कि ऐसी जमीनों पर अब मछली पालन के जरिए तगड़ी कमाई की जा सकती है। सरकार का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहाँ पारंपरिक फसलें दम तोड़ रही हैं, वहाँ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
झींगा पालन: एक एकड़ और 5 लाख का मुनाफा
विशेषज्ञों के मुताबिक, खारे पानी में 'झींगा मछली' (Prawn) का पालन किसी जैकपॉट से कम नहीं है। सुरेंद्र ठकराल ने बताया कि अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से झींगा पालन करते हैं, तो प्रति एकड़ 5 लाख रुपये तक की शुद्ध आमदनी आसानी से अर्जित की जा सकती है। सरकार न केवल इसके लिए तालाब खोदने में मदद कर रही है, बल्कि बायोफ्लॉक (Biofloc), आरएएस (RAS), फीड मिल और कोल्ड स्टोरेज जैसी आधुनिक इकाइयां लगाने के लिए भी मोटा अनुदान दे रही है।
सब्सिडी का गणित: महिलाओं और SC वर्ग को विशेष प्राथमिकता
योजना के तहत सब्सिडी को दो श्रेणियों में बांटा गया है। यदि कोई महिला या अनुसूचित जाति वर्ग का प्रार्थी इस व्यवसाय में आता है, तो उसे कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाएगा। वहीं, सामान्य और पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए यह राशि 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि किसान अपनी निजी भूमि के अलावा पट्टे (Lease) पर जमीन लेकर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते उनके पास वैध दस्तावेज हों।
शुरुआत से पहले ट्रेनिंग और जांच है अनिवार्य
मत्स्य विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बिना तैयारी के इस व्यवसाय में कूदना जोखिम भरा हो सकता है। ठकराल ने जोर देकर कहा कि किसान सबसे पहले अपनी मिट्टी और पानी की जांच सरकारी लैब में जरूर करवाएं। इसके साथ ही, विभाग द्वारा समय-समय पर दी जाने वाली ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है ताकि मछली के बीज (Seed) के चयन से लेकर दाने और बीमारियों के प्रबंधन की बारीकियाँ सीखी जा सकें। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक खेती के बोझ को कम कर पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों के जरिए किसानों की आय को दोगुना करना है।