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केन्या-तंजानिया की धरती पर सोना उगाएंगे हरियाणवी किसान, जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान

Mar 22, 2026 2:48 PM

हरियाणा। हरियाणा के किसानों ने अपनी मेहनत से न केवल देश का पेट भरा है, बल्कि दुनिया को अपनी कृषि कुशलता का लोहा भी मनवाया है। अब यही कुशलता अफ्रीका के विशाल मैदानों में नजर आएगी। हरियाणा सरकार ने केन्या और तंजानिया के साथ एक ऐसी साझेदारी की नींव रखी है, जिसमें हरियाणा के 'एग्रो-एक्सपर्ट' किसान वहां जाकर आधुनिक खेती करेंगे। अफ्रीका के इन देशों में जमीन की कोई कमी नहीं है, लेकिन वहां उन्नत तकनीक और कुशल श्रम का अभाव है। इसी खाली जगह को भरने के लिए हरियाणा के प्रगतिशील किसानों को चुना गया है, जो धान, गेहूं, मक्का और बागवानी में वैश्विक स्तर पर महारत रखते हैं।

क्यों चुना गया अफ्रीका? उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु बनी आधार

अफ्रीका के इन देशों में विशाल भू-भाग ऐसा है जो खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है, लेकिन संसाधनों के अभाव में वहां पैदावार उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाती। केन्या और तंजानिया की जलवायु कई भारतीय फसलों, विशेषकर मोटे अनाज और नकदी फसलों के लिए मुफीद है। हरियाणा सरकार की योजना के अनुसार, इच्छुक किसानों को वहां लंबी अवधि की लीज पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। चूंकि हरियाणा में परिवारों के बंटवारे के कारण जमीन की जोत छोटी होती जा रही है, ऐसे में अफ्रीका के बड़े 'फार्म्स' पर मशीनरी के जरिए खेती करना आर्थिक रूप से बहुत लाभदायक साबित होगा।

कानूनी सुरक्षा और तकनीकी सहयोग: सरकार बनेगी 'ढाल'

विदेशों में निवेश और काम करने को लेकर किसानों के मन में सुरक्षा और कानूनी जटिलताओं का डर रहता है। इस डर को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार खुद मैदान में उतरी है। सरकार दोनों देशों की सत्ताओं के साथ द्विपक्षीय समझौते करेगी, जिससे किसानों के अधिकारों और उनके निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके अलावा:

मिट्टी परीक्षण: वहां की मिट्टी के स्वास्थ्य के हिसाब से बीज और खाद के चयन में सरकारी वैज्ञानिक मदद करेंगे।

मार्केटिंग: वहां पैदा होने वाली फसल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत 'सप्लाई चेन' विकसित की जाएगी।

लॉजिस्टिक्स: फसल की कटाई से लेकर भंडारण (Storage) तक की अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा।

'विन-विन' स्थिति: भारत-अफ्रीका संबंधों में नया अध्याय

यह केवल एक कृषि योजना नहीं है, बल्कि भारत और अफ्रीकी देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का एक नया अध्याय है। जहां हरियाणा के किसानों को अपनी आय कई गुना बढ़ाने का मौका मिलेगा, वहीं केन्या और तंजानिया जैसे देशों को खाद्य सुरक्षा (Food Security) और आधुनिक कृषि तकनीक हासिल होगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से 'रूरल एंटरप्रेन्योरशिप' (ग्रामीण उद्यमिता) को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में हरियाणा का किसान एक वैश्विक 'एग्रो-बिजनेसमैन' के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

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