हरियाणा का पहला एलपीजी एटीएम गुरुग्राम में शुरू, अब 24 घंटे में कभी भी लें गैस सिलेंडर
Mar 18, 2026 12:59 PM
हरियाणा। साइबर सिटी गुरुग्राम ने एक बार फिर तकनीक के मामले में बाजी मारी है। सोहना रोड स्थित सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली सोसायटी में प्रदेश का पहला और देश का अपनी तरह का चुनिंदा 'एलपीजी एटीएम' स्थापित किया गया है। भारत गैस की इस पहल से गृहणियों और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें अक्सर गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए वेंडर का इंतजार करना पड़ता था या दफ्तर से छुट्टी लेनी पड़ती थी। अब यह मशीन 24 घंटे सेवा में तैनात रहेगी, जिससे आधी रात को भी गैस खत्म होने पर खाना रुकने की नौबत नहीं आएगी।
कैसे काम करता है यह 'गैस एटीएम'?
इस मशीन का इस्तेमाल करना उतना ही आसान है जितना बैंक से पैसे निकालना। उपभोक्ता को सबसे पहले मशीन की स्क्रीन पर अपना भारत गैस से जुड़ा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा। इसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करते ही उपभोक्ता की पहचान पुख्ता हो जाएगी। प्रक्रिया के अगले चरण में खाली सिलेंडर के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाता है। सिस्टम द्वारा सिलेंडर की वैधता जांचने के बाद उपभोक्ता को डिजिटल माध्यम (यूपीआई या कार्ड) से भुगतान करना होगा। पेमेंट सफल होते ही मशीन का शटर खुलेगा और भरा हुआ सिलेंडर बाहर आ जाएगा।
पारदर्शी सिलेंडर की मिलेगी सुविधा
इस एटीएम के जरिए फिलहाल 10 किलो का 'कंपोजिट सिलेंडर' दिया जा रहा है। लोहे के भारी-भरकम सिलेंडरों की तुलना में ये कंपोजिट सिलेंडर काफी हल्के, जंग मुक्त और सुरक्षित हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत इनका पारदर्शी होना है, जिससे उपभोक्ता को बाहर से ही पता चल जाता है कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। कंपनी ने साफ किया है कि इसके लिए गैस के निर्धारित रेट के अलावा कोई भी अतिरिक्त शुल्क या सर्विस चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि गैस चोरी की शिकायतों पर भी लगाम लगेगी।
अन्य सोसायटियों में भी विस्तार की योजना
गुरुग्राम में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट की तरह है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अगर फ्लावर वैली सोसायटी में यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो जल्द ही गुरुग्राम की अन्य बड़ी रिहायशी सोसायटियों और व्यस्त इलाकों में भी ऐसे एलपीजी एटीएम लगाए जाएंगे। हालांकि, अभी यह सुविधा केवल उन लोगों के लिए है जिनके पास पहले से भारत गैस का वैध कनेक्शन है। नया कनेक्शन लेने के लिए फिलहाल एजेंसी के दफ्तर ही जाना होगा। इस नवाचार ने साबित कर दिया है कि आने वाले समय में एलपीजी वितरण प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और उपभोक्ता के नियंत्रण में होगी।