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हरियाणा में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, इस योजना के तहत मुफ्त मिलेंगे सैनिटरी पैड, 20 मई तक करें आवेदन

May 16, 2026 11:27 AM

हरियाणा। हरियाणा में महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य व शारीरिक स्वच्छता को पुख्ता करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बेहद संवेदनशील कदम उठाया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों की सुध लेते हुए सरकार ने 'महिला एवं किशोरी सम्मान योजना' के अंतर्गत सैनिटरी पैड मुफ्त बांटने की मुहिम को रफ्तार दी है। इस जमीनी पहल का सीधा मकसद समाज में मासिक धर्म को लेकर बरती जाने वाली झिझक को दूर करना, स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन बीमारियों पर लगाम लगाना है जो सिर्फ सही जानकारी या साधनों के अभाव में पनपती हैं।

ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में आज भी बहुत सी किशोरियां और महिलाएं बाजार में मिलने वाले महंगे सैनिटरी पैड्स खरीदने से कतराती हैं या उनका बजट इसकी इजाजत नहीं देता। मजबूरी में पारंपरिक और असुरक्षित तरीके अपनाने की वजह से वे गंभीर संक्रमण (इंफेक्शन) और अन्य स्त्री रोगों की चपेट में आ जाती हैं। सरकार के इस फैसले से न केवल जरूरतमंद परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि यह कदम महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा।

10 से 45 वर्ष की आयु वर्ग को मिलेगा लाभ, 20 मई है आखिरी तारीख

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को दिया जाएगा। योजना के तहत 10 वर्ष की उम्र से लेकर 45 वर्ष तक की महिलाएं और युवतियां पूरी तरह निशुल्क पैड प्राप्त करने की हकदार होंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो भी इच्छुक और पात्र लाभार्थी इस योजना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें आगामी 20 मई तक निर्धारित सरकारी पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराना होगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी

योजना को जमीनी स्तर पर पूरी तरह कामयाब बनाने और आखिरी पायदान पर खड़ी महिला तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने कमर कस ली है। जो महिलाएं खुद ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं, वे अपने क्षेत्र के नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर इस योजना से जुड़ी तमाम जानकारियां हासिल कर सकती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने गांवों और वार्डों में जाकर महिलाओं को इस डेडलाइन के बारे में सचेत करें ताकि समय रहते अधिक से अधिक पंजीकरण किए जा सकें।

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