Haryana Best Village Award: बेटियों का लिंगानुपात सुधारने वाले गांवों को मिलेंगे ₹5 लाख, जानें सरकार का नया प्लान
Jun 06, 2026 2:52 PM
हरियाणा। हरियाणा में बेटियों के प्रति सामाजिक सोच को बदलने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने 'बेस्ट विलेज अवार्ड' योजना का खाका तैयार किया है। पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत चलाई जा रही इस योजना का सीधा मकसद ग्रामीण स्तर पर जन्म के समय लिंगानुपात (सेक्स रेशियो एट बर्थ) में सुधार लाना है। सरकार ने साफ किया है कि बेटियों को सम्मान देने की दौड़ में जो भी गांव अपने जिले में शीर्ष स्थान हासिल करेगा, उसे प्रशासन की तरफ से 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड कायम करने वाले गांव को 5 लाख रुपये के भव्य राज्य स्तरीय पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
एएनएम के डेटा से तय होगी रैंकिंग, 5 हजार की आबादी वाले गांवों की होगी छंटनी
इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और जमीनी हकीकत के करीब रखा गया है। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड के नियमों के तहत केवल उन्हीं गांवों को इस रेस में शामिल किया जा रहा है, जिनकी आबादी कम से कम 5,000 या उससे ज्यादा है। रैंकिंग तय करने का आधार स्वास्थ्य विभाग के जनवरी से दिसंबर तक के एएनएम जन्म पंजीकरण डेटा को बनाया गया है, क्योंकि यही जमीनी स्तर पर वास्तविक आंकड़ों को दर्शाता है। इसके साथ ही एक शर्त यह भी जोड़ी गई है कि निर्धारित एक साल की अवधि के भीतर उस गांव में कम से कम 30 या उससे अधिक प्रसव (डिलिवरी) दर्ज होने अनिवार्य हैं।
बेटियों की पढ़ाई पर खर्च होगी आधी रकम, मां-बेटी के ज्वाइंट अकाउंट में जाएगी राशि
सरकार ने इस योजना को सीधे महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा से जोड़ दिया है। जिला स्तर पर मिलने वाली डेढ़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि का उपयोग गांव के विकास के बजाय वहां की बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए किया जाएगा। डॉ. संजय कुमार के मुताबिक, उस गांव में 10वीं की परीक्षा पास करने वाली तीन सबसे मेधावी छात्राओं को यह राशि स्कॉलरशिप के रूप में बांटी जाएगी। यह पैसा छात्रा और उसकी माता (माता के न होने पर पिता) के संयुक्त खाते में जमा होगा। कुल इनामी राशि का 50 फीसदी हिस्सा पहले स्थान पर आने वाली बेटी को, 30 फीसदी दूसरे और 20 फीसदी तीसरे स्थान वाली बेटी को मिलेगा।
स्कूल में बनेगा 'बेटी विंग', जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीम को सैल्यूट
वहीं दूसरी तरफ, जो गांव पूरे हरियाणा में नंबर वन आएगा, उसे मिलने वाले 5 लाख रुपये के राज्य स्तरीय पुरस्कार का इस्तेमाल वहां के सरकारी स्कूल (विशेषकर बालिका विद्यालय) में एक अतिरिक्त डिजिटल या सामान्य क्लासरूम के निर्माण के लिए किया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद जिले के सिविल सर्जन खुद इसका भौतिक सत्यापन कर यूटिलिटी सर्टिफिकेट मुख्यालय भेजेंगे। सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इस जंग को जीतने में अहम भूमिका निभाने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर, एएनएम, आशा वर्कर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जिला उपायुक्त (डीसी) द्वारा विशेष रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य विभाग की इस जमीनी टीम का हौसला और मजबूत हो सके।