करनाल में मेयर का 'फर्जी पीए' गिरफ्तार; रसूख दिखाकर नगर निगम के काम के नाम पर करता था ठगी
May 02, 2026 2:49 PM
करनाल। राजनीति के गलियारों में रसूख का झांसा देकर ठगी करने का खेल पुराना है, लेकिन करनाल में एक शख्स ने सीधे मेयर के नाम का ही सहारा ले लिया। शहर की मेयर रेणु बाला गुप्ता का फर्जी 'पर्सनल असिस्टेंट' (PA) बनकर नगर निगम में काम करवाने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक जालसाज को पुलिस ने दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान कर्ण विहार निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई है, जो पिछले काफी समय से भोली-भाली जनता को अपनी बातों के जाल में फंसाकर मोटी रकम ऐंठ रहा था।
जब मेयर के दरबार में खुली 'खास आदमी' की पोल
ठगी के इस दिलचस्प मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ पीड़ित लोग अपना काम न होने पर सीधे मेयर रेणु बाला गुप्ता के पास जा पहुंचे। लोगों ने जब मेयर को बताया कि उनके 'पीए' ओमप्रकाश ने काम के बदले पैसे लिए हैं, तो मेयर भी हक्की-बक्की रह गईं। रेणु बाला गुप्ता ने तुरंत स्पष्ट किया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके कार्यालय या स्टाफ में तैनात नहीं है। मामले की गंभीरता और पद की गरिमा को देखते हुए मेयर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम आरोपी की तलाश में जुट गई।
कमेटी चौक पर बिछाया गया जाल, पुलिस ने ऐसे दबोचा
पुलिस जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद से ही आरोपी पुलिस की राडार पर था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से ओमप्रकाश की घेराबंदी शुरू की। शुक्रवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कमेटी चौक के पास किसी और शिकार की तलाश में घूम रहा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस ने दबिश दी और 'फर्जी पीए' को रंगे हाथों धर दबोचा।
नगर निगम के कामों का देता था झांसा
जांच में सामने आया है कि ओमप्रकाश अक्सर नगर निगम कार्यालय के आसपास सक्रिय रहता था। वह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो अपनी प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने, नक्शा पास कराने या अन्य तकनीकी कामों के लिए निगम के चक्कर काट रहे होते थे। आरोपी खुद को मेयर का बेहद करीबी और खास आदमी बताकर दावा करता था कि वह एक फोन कॉल पर बड़े से बड़ा काम करवा सकता है। इसी रसूख के बदले वह लोगों से हजारों रुपये वसूल लेता था, लेकिन पैसे लेने के बाद वह गायब हो जाता था।
बढ़ सकता है पीड़ितों का आंकड़ा
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल दो लिखित शिकायतें आधिकारिक तौर पर सामने आई हैं, लेकिन गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और शुरुआती जांच में कई अन्य गवाह भी सामने आए हैं जिनसे आरोपी ने पैसे ऐंठे थे। जांच अधिकारी राजेश ने बताया, "आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि उसने अब तक कुल कितने लोगों को चूना लगाया है और क्या इस खेल में उसके साथ कोई और भी शामिल है।"