कैथल में गर्मी का सितम कम: 42 से सीधा 36 डिग्री पर आया पारा, आसमान में उमड़े बादलों ने लू के थपेड़ों को रोका
May 02, 2026 3:09 PM
कैथल (जग मार्ग)। पिछले कई दिनों से आसमान से बरस रही आग और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के बीच कैथल वासियों के लिए राहत भरी खबर आई है। जिले में मौसम ने अचानक करवट बदली है, जिससे अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हाल ही में जो पारा 42 डिग्री को पार कर शरीर को झुलसा रहा था, वह अब गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया है। तपती दोपहर में चलने वाली लू (Loo) अब ठंडी हवाओं में तब्दील हो गई है, जिससे बाजारों और सड़कों पर रौनक फिर से लौटती दिख रही है।
सूनी सड़कों पर फिर लौटी चहल-पहल
बीते एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी का आलम यह था कि दोपहर होते ही सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता था। गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया था। न केवल इंसान, बल्कि पशु-पक्षी भी इस प्रचंड गर्मी से बेहाल थे। गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिख रहा था, जहां अस्पतालों में उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की लंबी कतारें लगने लगी थीं। अब मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, खासकर उन मजदूरों और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए यह बदलाव किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें चिलचिलाती धूप में पेट की खातिर फील्ड में खड़ा रहना पड़ता है।
रातों की नींद हुई सुकून भरी
तापमान में आई इस कमी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आने से उमस भरी रातों से छुटकारा मिला है। रात का पारा 27 डिग्री से गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिससे रात के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। बिजली के कटों और उमस से परेशान लोगों को अब सुकून की नींद मिल पा रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
कृषि मौसम विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रमेश के अनुसार, वायुमंडल में आए बदलावों और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में यह कमी आई है। उन्होंने बताया कि आने वाले एक-दो दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने या हल्की बूंदाबांदी होने की प्रबल संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो पारे में और भी गिरावट आ सकती है, जो न केवल आम जनजीवन बल्कि पशुओं के लिए भी काफी आरामदायक रहेगी। हालांकि, उन्होंने इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी है।