Yamuna Cleaning Mission: हरियाणा सरकार का मास्टरस्ट्रोक, 313 किमी लंबी यमुना को साफ करने खुद कमान संभालेंगे सीएम सैनी
Jun 03, 2026 5:54 PM
हरियाणा। चंडीगढ़ के प्रशासनिक गलियारों से पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। हरियाणा से गुजरने वाली जीवनदायिनी यमुना नदी की बदहाली को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा संकल्प लिया है। सूबे के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने साफ किया कि यमुना को प्रदूषण के डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए सरकार किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। 313 किलोमीटर लंबी इस नदी को अविरल और निर्मल बनाने के लिए जो विशेष टास्क फोर्स या मिशन बनेगा, उसकी कमान सीधे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हाथों में होगी, ताकि नौकरशाही की सुस्ती के चलते प्रोजेक्ट फाइलों में न अटका रहे।
इस विशेष मिशन के तहत नदी में गिरने वाले अनियंत्रित कचरे को रोकने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता बढ़ाने और फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले पानी की 'रियल-टाइम मॉनिटरिंग' करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। पर्यावरण मंत्री ने भरोसा दिलाया कि साल 2026-27 के भीतर ही यमुना में मिलने वाले सभी छोटे-बड़े नालों के पानी को वैज्ञानिक तरीके से साफ करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी। इसके अलावा, नदी के जलस्तर और भूजल को रीचार्ज करने के साथ-साथ किनारों पर बड़े पैमाने पर ग्रीन बेल्ट (हरियाली) विकसित की जाएगी।
पर्यावरण के लिए ₹100 करोड़ की शुरुआती संजीवनी, टिकाऊ खेती और ईवी पर जोर
जलवायु परिवर्तन को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर वैश्विक मंचों तक आज इसी बात पर माथापच्ची हो रही है। हरियाणा ने भी इस दिशा में दूरदर्शी सोच दिखाते हुए अपने बजट में एक नई पहल की है। सरकार ने "हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड" की घोषणा की है, जिसके लिए शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
"यह फंड केवल कागजी दावों के लिए नहीं है, बल्कि इसके जरिए सूबे में शून्य-उत्सर्जन (जीरो-इमिशन) वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा), जल संरक्षण, शहरों में जंगल विकसित करने और पर्यावरण के अनुकूल खेती (क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर) को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।"
'प्रकृति से प्रेरित' थीम पर 5 जून को गुरुग्राम में जुटेगा अमला
राव नरबीर सिंह ने बताया कि आने वाली 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बड़ा राज्य-स्तरीय समागम होने जा रहा है। इस बार की थीम बेहद खास रखी गई है— ‘प्रकृति से प्रेरित – जलवायु के लिए – हमारे भविष्य के लिए’ (Inspired by Nature – For Climate – For Our Future)। इस कार्यक्रम के मंच से सरकार पर्यावरण और हरित विकास को लेकर उठाए जा रहे कदमों की प्रगति रिपोर्ट जनता के सामने रखेगी।
प्रेस वार्ता के अंत में अनुभवी राजनेता की तरह अपील करते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कोई भी सरकारी मुहिम तब तक मुकम्मल नहीं हो सकती, जब तक आम जनता उसे अपनी आदत न बना ले। उन्होंने हरियाणा के नागरिकों से रोजमर्रा की जिंदगी में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भावुक अपील की।