Panipat News: नशे में धुत 'साधु' ने पानीपत के बाजार में चलाई अंधाधुंध कार, बाल-बाल बचे दर्जनों खरीदार
Jun 03, 2026 6:42 PM
पानीपत। टेक्सटाइल सिटी पानीपत का सुभाष बाजार मंगलवार की दोपहर रोज की तरह ग्राहकों की चहल-पहल से गुलजार था। त्योहारों और आम दिनों की तरह ही लोग दुकानों पर खरीदारी में मशगूल थे कि अचानक एक पुरानी मारुति-800 कार काल बनकर बाजार में दाखिल हुई। अमूमन जहां पैदल चलना भी दूभर होता है, वहां कार के ड्राइवर ने रफ्तार का ऐसा खेल दिखाया कि लोगों के हलक में जान आ गई। संकरे रास्ते और सामने खड़ी भीड़ की परवाह किए बिना ड्राइवर लगातार एक्सीलेटर दबाता रहा। रफ्तार इतनी तेज थी कि रास्ते में पार्क की गई कई मोटरसाइकिलें, स्कूटी और पटरी पर सजी रेहड़ियां ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। कार की टक्कर से बाजार में चीख-पुकार मच गई और अपनी जान बचाने के लिए ग्राहक और राहगीर दुकानों के भीतर जाकर दुबक गए।
सीसीटीवी में कैद खौफनाक मंजर, आगे जाकर तंग रास्ते में फंसी कार
लापरवाही और दहशत का यह पूरा लाइव ड्रामा बाजार की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक बेकाबू गाड़ी बाजार को चीरती हुई आगे बढ़ रही है और लोग खुद को बचाने के लिए कंक्रीट के खंभों के पीछे छिप रहे हैं। बहरहाल, यह तबाही ज्यादा दूर तक नहीं चल सकी। बाजार से बाहर निकलने की आपाधापी में ड्राइवर ने कार को एक बेहद संकरी गली में घुसा दिया, जहां जाकर गाड़ी दोनों तरफ की दीवारों के बीच पूरी तरह फंस गई।
साधु के रूप में घूम रहा था 'नशेड़ी' ड्राइवर, जनता ने कानून हाथ में लेकर सिखाया सबक
जैसे ही कार के पहिए थमे, बाजार के आक्रोशित दुकानदारों और स्थानीय युवाओं ने बिना कोई वक्त गंवाए गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। कार का दरवाजा खोलकर जब ड्राइवर को बाहर खींचा गया, तो अंदर का नजारा देख लोग दंग रह गए। ड्राइवर साधु के वेश में था और उसने शरीर के निचले हिस्से में कोई पजामा या धोती भी नहीं पहनी हुई थी। चश्मदीदों का आरोप है कि वह पूरी तरह किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में था और उसे इस बात का होश ही नहीं था कि उसने पीछे क्या तबाही मचाई है।
इस घोर लापरवाही से गुस्साए लोगों का सब्र जवाब दे गया। भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए मौके पर ही उस कथित साधु की लात-घूंसों से मरम्मत कर दी। काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और आरोपी को खाकी के सुपुर्द कर दिया।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल: बिना कड़े एक्शन के चेतावनी देकर छोड़ा
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली ने एक बार फिर स्थानीय व्यापारियों को निराश किया है। इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जान जोखिम में डालने और दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के बावजूद, पुलिस ने मामले को बेहद हल्के में लिया। थाना पुलिस ने आरोपी ड्राइवर से कुछ देर पूछताछ की और बाद में उसे महज एक सख्त चेतावनी देकर थाने से ही चलता कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में ऐसी ढिलाई भविष्य में किसी बड़े और जानलेवा हादसे को दावत दे सकती है।