हरियाणा ग्रुप डी भर्ती 2026: मुख्य सचिव ने मांगा खाली पदों का डेटा, 10 अप्रैल आखिरी तारीख
Apr 04, 2026 1:21 PM
हरियाणा। हरियाणा सरकार ने बेरोजगारी के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए ग्रुप डी के हजारों पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और वैधानिक निकायों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के जरिए भरा जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी महकमों को सक्रिय कर दिया है। सरकार की मंशा है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द पूरा किया जाए, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार का नया अवसर मिल सके।
मुख्य सचिव की दो-टूक: 10 अप्रैल तक नहीं दी जानकारी, तो शून्य माना जाएगा खाली पद
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सभी विभाग 10 अप्रैल 2026 तक अपने यहां स्वीकृत पदों, नियमित कर्मचारियों और अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों का पूरा डेटा तय प्रारूप में भेजें। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर किसी विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी नहीं भेजी, तो यह मान लिया जाएगा कि वहां कोई पद खाली नहीं है और भविष्य में उस विभाग के लिए किसी भी पद पर भर्ती की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
HSSC परीक्षा के आधार पर होगी मेरिट भर्ती, चौकीदार-सफाईकर्मी बाहर
इस बार की भर्ती प्रक्रिया में एक विशेष बदलाव किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल चौकीदार और सफाई कर्मचारियों के पदों को इस भर्ती अभियान से बाहर रखा गया है। बाकी सभी श्रेणियों के ग्रुप डी पदों के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एक साझा परीक्षा (CET) के स्कोर या विशेष लिखित परीक्षा का आयोजन करेगा। भर्ती में किसी भी प्रकार के इंटरव्यू की संभावना नहीं है; पूरी प्रक्रिया केवल परीक्षा के अंकों और मेरिट लिस्ट के आधार पर पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का भी मांगा गया पूरा हिसाब
सरकार केवल नए पदों पर ही नजर नहीं रख रही है, बल्कि अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के तहत काम कर रहे कर्मचारियों का भी विस्तृत विवरण मांगा गया है। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि प्रदेश में वास्तव में कितने पद पूरी तरह से खाली हैं और किन पदों पर पक्की भर्ती की तत्काल आवश्यकता है। इस कदम से न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि उन हजारों अभ्यर्थियों को भी राहत मिलेगी जो साल 2026 की बड़ी भर्ती का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।