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मेवात में ISI की सेंध? NIA और खुफिया एजेंसियों का तावडू में 'ऑपरेशन नासिर', जासूसी के शक में छापेमारी

Apr 04, 2026 2:47 PM

मेवात। नूंह का मेवात इलाका एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। सीमा पार बैठी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), आईबी और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को तावडू उपमंडल के गांव खोरी कलां में उस समय हड़कंप मच गया जब सुरक्षा बलों की गाड़ियों का काफिला अचानक तीन घरों के बाहर आकर रुका। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन के दौरान नासिर पुत्र अरशद को हिरासत में लिया गया है। नासिर मूल रूप से पलवल के पावसर का रहने वाला है और यहां कोल्ड ड्रिंक का कारोबार करता है, लेकिन एजेंसियों को शक है कि वह इस व्यापार की आड़ में जासूसी के खेल का हिस्सा था।

कश्मीर कनेक्शन से खुला राज: मेवात के गांवों में छिपे हैं सुराग?

सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले की कड़ियां जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए एक संदिग्ध पाकिस्तानी एजेंट से जुड़ती दिख रही हैं। पूछताछ में उस एजेंट ने मेवात के कुछ स्थानीय युवकों के नाम उगले थे, जो सीधे तौर पर उसके संपर्क में थे। नासिर पर आरोप है कि उसके संबंध उसी कश्मीरी एजेंट से थे, जो पाकिस्तान के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का काम करता था। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में एजेंसियों ने नासिर के ठिकाने से कई संवेदनशील दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या नासिर केवल एक मोहरा था या फिर वह इस नेटवर्क के लिए स्थानीय स्तर पर रसद और सूचनाएं मुहैया कराने वाला मुख्य सूत्रधार है।

लगातार दूसरे दिन दबिश, खंगाले जा रहे हैं मोबाइल और डिजिटल फुटप्रिंट्स

मेवात क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की यह सक्रियता अचानक नहीं बढ़ी है। गुरुवार को भी NIA के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की थी। जांच अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए संदिग्धों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि वॉट्सऐप और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए सीमा पार संदेश भेजे जा रहे थे। स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग फिलहाल इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन तावडू के खोरी कलां और आसपास के गांवों में भारी पुलिस बल की तैनाती इस बात का संकेत है कि यह मामला केवल जासूसी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार किसी बड़ी साजिश से भी जुड़े हो सकते हैं।

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