काली फिल्म और बिना नंबर की कार का आतंक, करनाल पुलिस ने फिल्मी अंदाज में दबोचा आरोपी
Apr 04, 2026 2:14 PM
करनाल। सीएम सिटी करनाल के सेक्टर-6 इलाके में एक रईसजादे की दबंगई ने खाकी की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमित चेकिंग के दौरान एक नाबालिग कार चालक ने न केवल पुलिस के रुकने के इशारे को अनसुना किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात सिपाही को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिसकर्मी हवा में उछलकर सीधे कार के बोनट पर जा गिरा। इसके बावजूद, आरोपी ने ब्रेक लगाने के बजाय गाड़ी की रफ्तार और तेज कर दी और बोनट पर लटके पुलिसकर्मी को मौत के साये में काफी दूर तक घसीटता रहा। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसे देख किसी के भी पसीने छूट जाएं।
काले शीशे और बिना नंबर की कार: खौफ फैलाने की पूरी तैयारी
जांच अधिकारी निरंजन के मुताबिक, यह वाकया 27 मार्च की शाम का है जब पीसीआर टीम संदिग्ध वाहनों की धरपकड़ में जुटी थी। तभी पुलिस की नजर एक ऐसी कार पर पड़ी जिसके शीशों पर न सिर्फ काली फिल्म (Z-Black) चढ़ी थी, बल्कि उस पर आगे-पीछे कोई नंबर प्लेट भी नहीं थी। शक होने पर जब टीम ने उसे रुकने को कहा, तो पकड़े जाने के डर से चालक ने गाड़ी को हथियार बना लिया। गनीमत रही कि बोनट पर गिरे पुलिसकर्मी ने मजबूती से गाड़ी को पकड़े रखा, वरना जरा सी चूक उसकी जान ले सकती थी। इस जानलेवा हमले में जवान को शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं।
अगले ही दिन पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी, जुवेनाइल कोर्ट में पेशी
वारदात को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी को लगा था कि वह बच निकलेगा, लेकिन करनाल पुलिस ने रातभर सीसीटीवी खंगालकर उसकी घेराबंदी कर दी। अगले दिन जैसे ही वह अपनी 'ब्लैक फिल्म' कार के साथ दोबारा मार्केट क्षेत्र में दिखाई दिया, सतर्क टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गाड़ी चलाने वाला युवक अभी बालिग भी नहीं हुआ है। पुलिस ने न केवल उस विवादित कार को ज़ब्त किया है, बल्कि आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट में पेश कर सुधार गृह भेज दिया है।
अभिभावकों पर भी गिरेगा गाज? पुलिस ने शुरू की गहन जांच
इस मामले ने एक बार फिर नाबालिगों के हाथ में स्टेयरिंग सौंपने वाले माता-पिता की जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है। पुलिस अब इस पहलू पर भी कानूनी राय ले रही है कि एक नाबालिग के पास बिना नंबर की और अवैध काली फिल्म लगी गाड़ी कैसे पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले इस कृत्य के लिए गाड़ी के मालिक और अभिभावकों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। फिलहाल, घायल पुलिसकर्मी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने शहर के व्यस्त चौराहों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।