हरियाणा ITI छात्रों की मौज: अब डिजिटल पोर्टल पर होगा सबका डेटा, सीधे घर चलकर आएगी नौकरी
Mar 26, 2026 12:52 PM
हरियाणा। पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई 'युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग' की समीक्षा बैठक प्रदेश के तकनीकी छात्रों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अब आईटीआई से डिप्लोमा लेने के बाद छात्र को भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है, जहां प्रदेश के उद्योगों और हुनरमंद युवाओं का मिलन होगा। बैठक में राज्य मंत्री गौरव गौतम की मौजूदगी में सीएम ने निर्देश दिए कि आईटीआई पास युवाओं का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर उसे उद्योगों को मुहैया कराया जाए, ताकि 'प्लेसमेंट' की राह आसान हो सके।
नौकरी मिली या नहीं? सरकार रखेगी 'मीटरिंग' से नजर
इस नई नीति की सबसे बड़ी खासियत 'प्लेसमेंट ट्रैकिंग' है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल सर्टिफिकेट बांटने से काम नहीं चलेगा। अब आईटीआई पास होने वाले प्रशिक्षुओं की 'मीटरिंग' की जाएगी। यानी विभाग यह ट्रैक करेगा कि पास आउट होने के बाद युवा को रोजगार मिला या नहीं। अगर कोई छात्र इंटर्नशिप पर जा रहा है, तो उसका डेटा भी पोर्टल पर अपडेट होगा। सीएम का विजन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई के साथ-साथ 'हाथ का हुनर' भी युवाओं की कमाई का जरिया बने।
10 नई IMT और अपग्रेड होंगी ITI
प्रदेश में जल्द ही 10 नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) खुलने जा रहे हैं। सीएम सैनी ने कहा कि इन औद्योगिक क्षेत्रों के आने के बाद कुशल युवाओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसी भविष्य की जरूरत को देखते हुए सभी सरकारी आईटीआई को अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है। साथ ही, रोजगार मेलों को लेकर विभाग को एक वार्षिक कैलेंडर जारी करने को कहा गया है, ताकि युवाओं को पहले से पता हो कि उनके जिले में कब भर्ती मेला लगने वाला है।
निजी संस्थानों पर गाज और खेल का तड़का
बैठक में निजी आईटीआई के कामकाज पर भी चर्चा हुई। कुछ निजी संस्थानों में भारी अनियमितताएं सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य मंत्री गौरव गौतम ने आईटीआई संस्थानों में खेल गतिविधियों का कैलेंडर जारी करने और औद्योगिक क्षेत्रों में छात्रों के 'एजुकेशनल टूर' कराने पर जोर दिया। इसका मकसद छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ फैक्ट्री और इंडस्ट्री के वास्तविक कामकाज से रूबरू कराना है।