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हरियाणा में नौकरियों की बहार: जापानी कंपनी TDK लगाएगी 4,000 करोड़ का बैटरी प्लांट

Mar 22, 2026 3:55 PM

चंडीगढ़। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक हरियाणा के औद्योगिक विकास की गूंज सुनाई दे रही है। नई दिल्ली में आयोजित 'इलेक्ट्रिसिटी समिट' के दौरान जापानी निवेश का एक बड़ा अध्याय जुड़ा, जब दिग्गज कंपनी TDK के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। कंपनी ने हरियाणा की 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली' नीतियों पर भरोसा जताते हुए 4,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव टेबल पर रखा है। यह निवेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर हरियाणा की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी और स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा।

'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का असर: क्यों निवेशकों की पहली पसंद बना हरियाणा?

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हरियाणा ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, "आज हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद इसलिए है क्योंकि हमने उत्पादन लागत (Production Cost) और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों को कम करने के लिए उद्योगों से सीधा संवाद शुरू किया है।" गौरतलब है कि हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने विशेष रूप से 'विदेशी सहयोग विभाग' का गठन किया है, जो विदेशी कंपनियों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और नीतिगत सहायता प्रदान करता है।

ऊर्जा भंडारण का नया केंद्र बनेगा प्रदेश

TDK द्वारा स्थापित की जाने वाली 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) यूनिट तकनीकी रूप से बेहद उन्नत होगी। रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) के दौर में बिजली का भंडारण सबसे बड़ी चुनौती है, और यह जापानी तकनीक इसी अंतर को पाटने का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को एक 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए बुनियादी ढांचे और कौशल विकास (Skill Development) पर भी भारी निवेश किया जा रहा है ताकि जब जापानी कंपनियां यहां आएं, तो उन्हें तैयार और कुशल वर्कफोर्स मिल सके।

नौकरियों की बहार: हजारों परिवारों को मिलेगा सहारा

इस 4,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का सबसे सुखद पहलू रोजगार सृजन है। जानकारों का मानना है कि इस स्तर के प्लांट में न केवल इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के युवाओं को मौके मिलेंगे, बल्कि सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट और अन्य सहायक उद्योगों के जरिए हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे। सीएम सैनी ने स्पष्ट किया कि विदेशी निवेश को बढ़ावा देने का अंतिम लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि पहुंचाना है। इस नए प्लांट की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जो गति मिलेगी, वह आने वाले वर्षों में हरियाणा को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की सूची में और ऊपर ले जाएगी।

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