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हरियाणा में गैस माफिया पर बड़ा प्रहार: 607 जगहों पर छापेमारी, 17 गिरफ्तार और 1363 सिलिंडर जब्त

Apr 02, 2026 12:37 PM

हरियाणा।  हरियाणा सरकार ने एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग करने वाले गिरोहों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में एक साथ 607 ठिकानों पर छापेमारी की। 31 मार्च 2026 तक की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई ने न केवल गैस माफिया के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि अवैध कारोबार के बड़े सिंडिकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इस दौरान 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि पहली बार इतनी बड़ी तादाद में 17 मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

फरीदाबाद और गुरुग्राम बने अवैध गैस के 'अड्डे'

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में गैस की कालाबाजारी सबसे चरम पर थी। फरीदाबाद में पुलिस ने सबसे सख्त रुख अपनाते हुए 9 एफआईआर दर्ज की हैं और अकेले यहां से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, साइबर सिटी गुरुग्राम में भी 3 एफआईआर के साथ 3 गिरफ्तारियां हुई हैं। विभाग ने न केवल रिफिलिंग करने वालों पर शिकंजा कसा, बल्कि उस पूरे नेटवर्क की भी पहचान की है जो घरेलू सिलिंडरों को कमर्शियल उपयोग के लिए डायवर्ट कर रहे थे। रेवाड़ी और जींद जिलों में भी पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों को हवालात पहुंचाया है।

1363 सिलिंडर जब्त, 132 आरोपियों की कुंडली तैयार

इस पूरी मुहिम के दौरान जांच टीमों ने 1363 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में सिलिंडर अवैध रिफिलिंग केंद्रों से मिले हैं। विभाग ने अब तक कुल 132 आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें से 50 नए नामों का खुलासा हालिया छापेमारी में हुआ है। अंबाला में सबसे ज्यादा 83 और यमुनानगर में 73 ठिकानों पर दबिश दी गई, जिससे स्पष्ट है कि सरकार छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक फैले इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के मूड में है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल सिलिंडर जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनके पीछे छिपे बड़े 'सरगनाओं' की भी पहचान की जा रही है।

आम आदमी की सुरक्षा और हक पर पहरा

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घरेलू गैस का कमर्शियल इस्तेमाल न केवल सरकार को राजस्व का चूना लगाता है, बल्कि घनी आबादी वाले इलाकों में अवैध रिफिलिंग किसी बड़े धमाके को न्योता देती है। इस कार्रवाई का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्हें अक्सर सिलिंडरों की कृत्रिम किल्लत का सामना करना पड़ता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई गैस एजेंसी या हॉकर इस कालाबाजारी में लिप्त पाया गया, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द करने के साथ-साथ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होने की संभावना है।

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