हरियाणा में गैस माफिया पर बड़ी स्ट्राइक: 923 सिलिंडर जब्त, झज्जर और गुरुग्राम में भारी बरामदगी
Mar 26, 2026 1:42 PM
हरियाणा। हरियाणा के रसोईघरों तक पहुंचने वाली गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदेश सरकार अब फुल एक्शन मोड में है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमों ने गुप्त सूचनाओं के आधार पर प्रदेश के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। 25 मार्च 2026 तक की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने अब तक 923 घरेलू और कमर्शियल गैस सिलिंडर अपने कब्जे में लिए हैं। इस अवैध धंधे में इस्तेमाल हो रहे 4 वाहनों को भी जब्त किया गया है। विभाग की इस सक्रियता ने उन बिचौलियों की नींद उड़ा दी है जो कम दाम वाली घरेलू गैस को ऊंचे दामों पर व्यावसायिक क्षेत्रों में खपा रहे थे।
झज्जर और गुरुग्राम में विभाग का 'सर्ज'
कार्रवाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो झज्जर जिला इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां रिकॉर्ड 131 सिलिंडर पकड़े गए हैं। साइबर सिटी गुरुग्राम में भी प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 110 सिलिंडर और 4 वाहन जब्त किए। वहीं, औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में कानूनी चाबुक सबसे तेज चला है; यहां न केवल 7 एफआईआर दर्ज की गईं, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की गई है। महेंद्रगढ़ (109), रोहतक (98) और अंबाला (89) जैसे जिलों में भी छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में अवैध सिलिंडर बरामद हुए हैं।
कई जिलों में कानूनी पेंच, जांच अब भी जारी
हैरानी की बात यह है कि हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला जैसे जिलों में सिलिंडर तो भारी मात्रा में पकड़े गए हैं, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। सूत्रों का कहना है कि विभाग फिलहाल इन मामलों में संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है और पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। रेवाड़ी और रोहतक जैसे शहरों में प्रशासन ने संदिग्धों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करना शुरू कर दिया है।
"किसी को बख्शा नहीं जाएगा": मंत्री राजेश नागर
खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने इस पूरे अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फील्ड में डटे रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि एलपीजी की कालाबाजारी सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर हमला है। विभाग की टीमें हर जिले में निगरानी बढ़ा रही हैं। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाला सिलिंडर सही हाथों में पहुंचे और कमर्शियल उपयोग के लिए होने वाली चोरी पर पूरी तरह लगाम लगे। आने वाले दिनों में उन गैस एजेंसियों के खिलाफ भी शिकंजा कसा जा सकता है, जिनके स्टॉक में विसंगतियां पाई जाएंगी।