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हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! अब 24 घंटे खुलेंगे मंडी गेट, रात में भी कटेगा गेट पास

Apr 06, 2026 5:42 PM

हरियाणा। चरखी दादरी समेत पूरे हरियाणा के किसानों के लिए रबी की फसल बेचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होने जा रहा है। सरकार और मार्केट कमेटी ने फसल सत्र के दौरान मंडियों में लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश की अनाज मंडियों के गेट किसानों के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन किसानों को होगा जो रात के समय अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचते थे और उन्हें गेट पास के लिए अगले दिन की सुबह तक का इंतजार करना पड़ता था। अब किसान किसी भी वक्त अपनी फसल की एंट्री करवाकर मंडी के भीतर जा सकेंगे।

लंबी लाइनों और बिचौलियों के खेल पर लगेगी लगाम

अक्सर देखा जाता है कि पीक सीजन के दौरान मंडियों के बाहर मीलों लंबी कतारें लग जाती हैं, जिसका फायदा उठाकर कई बार अव्यवस्था फैलती है। चरखी दादरी मार्केट कमेटी के सचिव विजय कुमार ने बताया कि मुख्यालय से मिले ताजा निर्देशों के बाद अब मंडियां "राउंड द क्लॉक" मोड पर काम करेंगी। रात के समय भी बायोमेट्रिक सत्यापन और गेट पास काटने के लिए स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए कर्मचारियों की रैंडम ड्यूटियां लगाई गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जा सके। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर चौकीदारों की भी 24 घंटे तैनाती रहेगी।

नमी बनी सरकारी खरीद में रोड़ा

मंडी के दरवाजे भले ही 24 घंटे खुल गए हों, लेकिन सरकारी खरीद की राह में 'नमी' अभी भी बड़ी बाधा बनी हुई है। मंडियों में पहुंच रही गेहूं की ढेरिओं में नमी की मात्रा मानक से अधिक पाई जा रही है, जिसके चलते सरकारी एजेंसियां फिलहाल खरीद शुरू करने से हिचक रही हैं। मार्केट कमेटी ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई (फसल) को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी लाएं। फसल सूखी होने पर न केवल खरीद तुरंत होगी, बल्कि किसानों के खातों में भुगतान भी समय पर पहुंच सकेगा।

"अब सुबह होने का इंतजार नहीं"

प्रशासन के इस फैसले का जमीनी स्तर पर स्वागत हो रहा है। किसानों का कहना है कि रात में गेट पास कटने से वे अपनी ट्रॉली खाली कर समय पर घर लौट सकेंगे और अगले दिन की कटाई की योजना बना पाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि मंडी के भीतर ट्रैफिक मैनेजमेंट भी बेहतर होगा। फिलहाल, सभी खरीद केंद्रों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय आने वाले किसी भी किसान को गेट पर रोका न जाए।

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