नूंह में 1693 पद खाली, विधानसभा में उठा प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा
Mar 09, 2026 1:44 PM
हरियाणा। हरियाणा के नूंह और मेवात क्षेत्र के स्कूलों में प्राथमिक शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। मेवात कैडर के तहत होने वाली पीआरटी भर्ती प्रक्रिया हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की गाइडलाइन जारी न होने के कारण अब तक पूरी नहीं हो सकी है। यही मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में भी गूंजा, जब नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और रानिया से इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने सरकार से जवाब मांगा।
सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 9 अगस्त 2024 को आयोग को पत्र लिखकर भर्ती के लिए सिफारिश भेजी थी। लेकिन आयोग से स्वीकृति नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
शिक्षा विभाग फिर भेजेगा प्रस्ताव
सदन में जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आयोग को एक बार फिर पत्र लिखा जाएगा। विभाग की कोशिश है कि गाइडलाइन मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक और राजकीय माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा पहले भी विधानसभा में उठ चुका है। उस समय भी विभाग ने आयोग की मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही थी।
मेवात क्षेत्र में सबसे ज्यादा खाली पद
मेवात कैडर के तहत कई जिलों में प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। सबसे ज्यादा खाली पद नूंह जिले में हैं, जहां 1693 पदों पर शिक्षक नहीं हैं।
इसके अलावा पलवल में 405, गुरुग्राम में 59 और अंबाला में 450 पद खाली हैं। फरीदाबाद में 108, भिवानी में 100, झज्जर में 26, हिसार में 55, सिरसा में 212 और रोहतक में 43 पद रिक्त बताए गए हैं।
स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
मेवात और आसपास के जिलों में सरकारी स्कूलों में पहले से ही संसाधनों की कमी की चर्चा रहती है। बड़ी संख्या में पद खाली होने से कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को कई कक्षाएं संभालनी पड़ती हैं।
इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। स्थानीय अभिभावक लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द इन पदों पर भर्ती करे, ताकि स्कूलों में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित हो सके।
भर्ती शुरू होने का इंतजार
शिक्षा विभाग का कहना है कि आयोग की गाइडलाइन मिलते ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ऐसे में मेवात क्षेत्र के युवाओं के साथ-साथ स्कूलों के छात्रों को भी इस भर्ती प्रक्रिया के शुरू होने का इंतजार है।
यदि यह भर्ती पूरी होती है तो हजारों विद्यार्थियों को अपने स्कूलों में नियमित शिक्षक मिल सकेंगे और शिक्षा व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।