चंडीगढ़: नायब सरकार मेवात क्षेत्र को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। दशकों से लंबित मेवात में विश्वविद्यालय खोलने की मांग को नायब सरकार ने सिरे चढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार की ओर से नूंह जिले में राज्य विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए उपायुक्त को भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से नूंह जिला उपायुक्त को पत्र जारी कर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नूंह को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायतों के अंतर्गत उपलब्ध बड़े और एक साथ जुड़े भूमि खंडों की पहचान करें, जो प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उपयुक्त हों। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार की ओर से प्राप्त पत्र 9 दिसंबर के आधार पर की जा रही है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि चयनित भूमि का स्थान, स्वामित्व स्थिति, क्षेत्रफल और जीपीएस निर्देशांक सहित पूरा विवरण तैयार कर एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई और स्थल निरीक्षण किया जा सके।
भूमि की पहचान के बाद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर अगला औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके बाद कैबिनेट स्तर पर निर्णय और बजट प्रावधान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मेवात क्षेत्र विशेषकर नूंह जिला लंबे समय से उच्च शिक्षा संस्थानों की भारी कमी से जूझ रहा है। यहां के छात्रों को स्नातक और परास्नातक शिक्षा के लिए गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक या अन्य जिलों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में यदि नूंह में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना होती है, तो यह क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलेगा। यही नहीं, नूंह जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि रोजगार के अवसर, सामाजिक विकास और क्षेत्रीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम मेवात क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।