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हरियाणा के युवाओं को सीएम सैनी का तोहफा: प्री-एग्जाम पास करते ही मिलेंगे 70 हजार रुपये

Apr 09, 2026 2:54 PM

हरियाणा। हरियाणा के उन युवाओं के लिए अब आर्थिक तंगी करियर की राह में रोड़ा नहीं बनेगी, जो प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना' को अमलीजामा पहनाते हुए बड़ी घोषणा की है। इस योजना के जरिए अब उन मेधावी छात्रों को आर्थिक कवच दिया जाएगा, जो यूपीएससी, एचपीएससी और ज्यूडिशरी जैसी कठिन परीक्षाओं का पहला पड़ाव यानी 'प्री' पास कर लेते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी महंगी होती है, ऐसे में सरकार उनकी कोचिंग फीस की प्रतिपूर्ति (Reimbursement) करेगी ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न छूटे।

आय के स्लैब के अनुसार तय होगी मदद की राशि

सरकार ने इस योजना का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के लिए आय सीमा के अनुसार सहायता राशि तय की है। योजना के मुताबिक:

1 लाख रुपये तक आय: जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है, उनके बच्चों को सबसे अधिक 70 हजार रुपये मिलेंगे।

1.80 लाख रुपये तक आय: इस श्रेणी के युवाओं को 60 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।

1.80 से 3 लाख रुपये तक आय: इन परिवारों के अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।

3 से 5 लाख रुपये तक आय: मध्यम आय वर्ग के परिवारों के बच्चों को भी 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।

सम्मान समारोह में उमड़ा प्रशासनिक अमला

यह घोषणा मुख्यमंत्री ने यूपीएससी में चयनित हरियाणा के नव-नियुक्त अधिकारियों के लिए आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान की। इस मौके पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित प्रदेश के आला अधिकारी मौजूद रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने खेल के मैदान से लेकर अंतरिक्ष और सिविल सेवा तक अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। उन्होंने कहा, "प्रतिभा हर घर में है, बस सरकार का काम उसे सही दिशा और सही समय पर मौका देना है।"

संकल्प पत्र का वादा किया पूरा

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 'मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना' भाजपा के संकल्प पत्र का एक प्रमुख हिस्सा थी। अब इसे धरातल पर उतारकर सरकार ने युवाओं को यह संदेश दिया है कि वह उनके भविष्य के प्रति गंभीर है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल गरीब परिवारों के बच्चों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि कोचिंग के नाम पर होने वाले भारी खर्च का बोझ भी कम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश की सर्वोच्च सेवाओं में हरियाणा की भागीदारी और अधिक बढ़े।

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