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करनाल में काल बनी पुलिस की गाड़ी! दो राहगीरों को कुचला, कूड़ा बीनने वाले और कबाड़ी की मौत

Apr 09, 2026 5:11 PM

करनाल। सीएम सिटी करनाल में बुधवार की सुबह एक ऐसी चीख-पुकार के साथ शुरू हुई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। पश्चिमी यमुना नहर के किनारे टहलते और अपने काम पर जाते दो गरीब परिवारों के चिराग एक तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आकर बुझ गए। आरोप है कि टक्कर मारने वाली गाड़ी पुलिस महकमे की थी, जिसे एक कांस्टेबल चला रहा था। इस हादसे ने न केवल दो जिंदगियां लीं, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे का शिकार हुए मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब पौने 10 बजे शिव कॉलोनी निवासी जगत सिंह और शास्त्री नगर निवासी भीम सिंह विश्वकर्मा चौक से नहर की ओर पैदल जा रहे थे। जगत सिंह कूड़ा बीनकर अपने तीन बच्चों का पेट पालता था, वहीं 65 वर्षीय भीम सिंह कबाड़ी का काम कर गुजर-बसर करते थे। दोनों अभी कुछ ही दूर चले थे कि पीछे से आई तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दिया और रौंदते हुए निकल गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जगत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भीम सिंह ने अस्पताल की दहलीज पर दम तोड़ दिया।

खुद ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल

मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब खुद गाड़ी चला रहे कांस्टेबल ने घायलों को अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल (FSL) की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। सड़क पर बिखरे खून के धब्बे और क्षतिग्रस्त साक्ष्य चीख-चीख कर गाड़ी की रफ्तार की गवाही दे रहे थे। डीएसपी मीना कुमारी ने मोर्चरी हाउस पहुँचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को भरोसा दिलाया कि कानून सबके लिए बराबर है और दोषी चाहे पुलिस विभाग से ही क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

जांच के घेरे में 'खाकी' की गाड़ी

रामनगर थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की जांच कर रही है कि गाड़ी सरकारी थी या किसी अधिकारी की निजी गाड़ी थी जिसे विभाग में लगाया गया था। फिलहाल, अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। दो मेहनतकश लोगों की इस तरह हुई मौत से उनके मोहल्लों में मातम पसरा है और लोगों में पुलिस की तेज रफ्तार ड्राइविंग के प्रति भारी रोष है।

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