नूंह में जमीन विवाद का खूनी अंजाम: ताऊ ने परिवार के साथ मिलकर भतीजे की हत्या की, दो घायल
Apr 09, 2026 3:53 PM
नूंह। कहते हैं कि जमीन की भूख इंसान को अंधा बना देती है, और जब यह भूख अपनों के खून की प्यासी हो जाए तो परिवार बिखरने में देर नहीं लगती। हरियाणा के नूंह जिले के रोजका मेव थाना क्षेत्र के गांव बड़का अलीमुद्दीन में बुधवार को कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला। महज दो किला जमीन के विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार में ऐसी रंजिश पैदा की कि ताऊ ने अपने ही बेटों के साथ मिलकर भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी संघर्ष में तीन भाइयों पर हमला किया गया, जिसमें से एक ने दम तोड़ दिया और दूसरा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।
धोखाधड़ी से जमीन हड़पने का आरोप
शिकायतकर्ता आबिद ने पुलिस को बताया कि उनके पिता की मृत्यु 2011 में हो चुकी है। घर में सात भाई-बहन हैं, जिनकी परवरिश के लिए दादा के नाम वाली दो किला जमीन ही एकमात्र सहारा थी। आरोप है कि उनके ताऊ यूसुफ ने इस जमीन को बहला-फुसलाकर अपने नाम करवा लिया था। जब भी आबिद और उसके भाई अपना हक मांगते, तो यूसुफ और उसका परिवार विवाद पर उतारू हो जाता। यही रंजिश धीरे-धीरे नफरत में बदल गई और 8 अप्रैल की दोपहर इसे खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया गया।
फरसे और सरिए से घर में घुसकर बोला धावा
जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3 बजे बच्चों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी, जिसे बहाना बनाकर यूसुफ अपने बेटों और रिश्तेदारों के साथ लाठी-डंडे, सरिया और फरसा लेकर आबिद के घर में घुस गया। हमलावरों ने सबसे पहले आमीन को निशाना बनाया। आरोप है कि आमीन के सिर पर फरसे से सीधा वार किया गया, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और उस पर लाठियों से प्रहार करते रहे। बीच-बचाव करने आए तारिफ और आबिद को भी बुरी तरह पीटा गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें
परिजनों ने आनन-फानन में घायलों को नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने आमीन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, तारिफ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे नल्हड़ मेडिकल कॉलेज और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। वारदात के बाद से ही आरोपी परिवार फरार बताया जा रहा है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
12 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
नूंह पुलिस ने आबिद की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यूसुफ और उसके परिवार के 12 सदस्यों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि कैसे संपत्ति का लालच सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को पैरों तले रौंद देता है।