हरियाणा में प्लॉट खरीदना अब नहीं होगा आसान, रजिस्ट्री से पहले एनओसी का नया नियम लागू
Mar 12, 2026 12:01 PM
हरियाणा। हरियाणा में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल को पूरी तरह खत्म करने के लिए नियमों के तरकश से नया तीर निकालने जा रही है। अगर आप भी प्रदेश में कोई छोटा प्लॉट या जमीन का टुकड़ा खरीदने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। अब पुराने ढर्रे पर जमीन की रजिस्ट्री कराना आसान नहीं होगा, क्योंकि सरकार 'हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास एवं विनियमन (संशोधन) 2026' लागू करने की तैयारी में है।
क्या है नया नियम और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में कुकुरमुत्ते की तरह उग रही अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सरकार ने धारा-7ए (Section 7A) में बड़े बदलाव का मन बना लिया है।
नियमों की मुख्य बातें:
एनओसी अनिवार्य: अब एक एकड़ से कम क्षेत्रफल वाली किसी भी खाली जमीन की खरीद, बिक्री, अदला-बदली, लीज या गिफ्ट डीड (उपहार) के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट (नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना जरूरी होगा।
अथॉरिटी: यह एनओसी विभाग के निदेशक या उनके द्वारा अधिकृत किसी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से जारी की जाएगी। बिना इस प्रमाण पत्र के तहसीलदार जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर पाएंगे।
'अदला-बदली' के खेल पर सरकार की स्ट्राइक
अक्सर देखा गया है कि भू-माफिया और प्रॉपर्टी डीलर नियमों की खामियों का फायदा उठाकर अवैध कॉलोनियां काटते हैं। सरकार की जांच में सामने आया है कि कई लोग छोटे-छोटे प्लॉट की कागजी 'अदला-बदली' (Exchange) दिखाते हैं।
होता यह है कि कागजों पर इसे महज एक संपत्ति का दूसरी संपत्ति से ट्रांसफर दिखाया जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे भारी नकद लेन-देन होता है। इस चालाकी से न केवल सरकार को स्टांप ड्यूटी और राजस्व का भारी नुकसान होता है, बल्कि उन इलाकों में भी झुग्गी-झोपड़ियां और अनधिकृत कॉलोनियां बस जाती हैं जहाँ बुनियादी सुविधाएं (सड़क, बिजली, पानी) उपलब्ध कराना बाद में प्रशासन के लिए सिरदर्द बन जाता है।
प्लॉट खरीदने वाले इन बातों का रखें खास ख्याल
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई किसी भी अनधिकृत प्रोजेक्ट में न फंसाएं। नया नियम लागू होने के बाद, किसी भी प्लॉट को खरीदने से पहले इन पैमानों पर उसकी जांच जरूर करें:
लाइसेंस की जांच: क्या उस कॉलोनी के पास टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का वैध लाइसेंस है?
सरकारी पोर्टल: हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जमीन का रिकॉर्ड और कॉलोनी की वैधता चेक करें।
एनओसी स्टेटस: जिस प्लॉट को आप ले रहे हैं, क्या उसके लिए आवश्यक एनओसी ली जा चुकी है?
नक्शा और मंजूरी: क्या कॉलोनी का नक्शा सरकार द्वारा अनुमोदित (Approved) है?
विशेषज्ञ की राय: पारदर्शी होगा रियल एस्टेट सेक्टर
जानकारों का मानना है कि इस संशोधन से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि इससे छोटे खरीदारों को एनओसी लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। सरकार का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया जाएगा ताकि आम आदमी को परेशानी न हो और केवल भू-माफियाओं पर नकेल कसी जा सके।