हरियाणा में राहत की फुहार: आज 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, लू से मिलेगी निजात
Apr 27, 2026 10:22 AM
हरियाणा। मई की शुरुआत से पहले ही जून जैसी तपिश झेल रहे हरियाणा के लिए आज का दिन राहत का पैगाम लेकर आया है। प्रदेश में सूरज के तीखे तेवरों और लू (Loo) के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने झुलसती जनता को सुकून दिया है। आज चंडीगढ़ समेत राज्य के 18 जिलों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। विभाग की मानें तो आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश होने की प्रबल संभावना है।
इन जिलों में दिखेगा असर: सावधान रहने की सलाह
मौसम विभाग ने उत्तर से दक्षिण हरियाणा तक एक बड़ा बेल्ट चिह्नित किया है। आज भिवानी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत, हिसार और सिरसा समेत कुल 18 जिलों में आसमानी बिजली गिरने और तेज अंधड़ की चेतावनी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक होने वाले इस बदलाव से दोपहर के वक्त घर से बाहर निकलने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए। इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा, जिससे पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है। फिलहाल राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री ऊपर चल रहा है, जिससे राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
नारनौल सबसे गर्म, फरीदाबाद में रात की नींद उड़ा रही गर्मी
बीते 24 घंटों की बात करें तो हरियाणा भट्टी की तरह तप रहा है। नारनौल 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी झुलसाने लगी हैं। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा रहने के कारण लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल रहा है। खासकर फरीदाबाद में 'वार्म नाइट' (Warm Night) जैसे हालात हैं, जहां रात का तापमान गिरने का नाम नहीं ले रहा। भीषण गर्मी का आलम यह है कि दोपहर होते ही सड़कें सूनी हो रही हैं और बाजार वीरान नजर आने लगे हैं।
सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ, अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, पहाड़ों पर सक्रिय हुए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में हवाओं का रुख बदल रहा है। अगले 48 घंटों के भीतर हरियाणा के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने की संभावना है। राहत की बात यह है कि यह बदलाव केवल एक दिन का नहीं है; मई के पहले सप्ताह तक एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आने से रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा। इससे आने वाले कुछ दिनों तक भीषण हीटवेव की स्थिति से प्रदेशवासियों को बचाव रहेगा।