करनाल एनकाउंटर: सूरज हत्याकांड का शूटर गोविंद पुलिस की गोली से घायल, आधी रात को हुई भिड़ंत
Apr 27, 2026 10:34 AM
करनाल। हरियाणा के करनाल में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिसिया अभियान में देर रात एक बड़ी सफलता हाथ लगी। घरौंडा के उपली गांव रोड पर पुलिस की सीआईए-2 (CIA-2) टीम और एक शातिर बदमाश के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। इस मुठभेड़ में गोंदर गांव के बहुचर्चित 'सूरज हत्याकांड' का मुख्य आरोपी गोविंद पुलिस की गोली का शिकार होकर जमीन पर आ गिरा। पुलिस को सूचना मिली थी कि गोविंद बाइक पर सवार होकर इलाके से भागने की फिराक में है, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही गोविंद को रुकने का इशारा किया गया, उसने सरेंडर करने के बजाय पुलिस पर ही गोलियां दागनी शुरू कर दीं।
पुलिस की गाड़ी के शीशे चकनाचूर, बाल-बाल बची टीम
मुठभेड़ की शुरुआत गोविंद की ओर से की गई दुस्साहसिक फायरिंग से हुई। बदमाश ने अपनी देसी पिस्टल से पुलिस की बोलेरो गाड़ी को निशाना बनाकर दो राउंड फायर किए, जिससे गाड़ी के शीशे चकनाचूर हो गए। पुलिस टीम इस हमले में बाल-बाल बची। हालात को बेकाबू होते देख सीआईए की टीम ने आत्मरक्षा में मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड फायर किए। पुलिस की एक सटीक गोली गोविंद के पैर में जा लगी और वह वहीं ढेर होकर गिर पड़ा। पुलिस ने बिना देरी किए उसे हिरासत में लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां वह फिलहाल पुलिस के कड़े पहरे में है।
सूरज हत्याकांड का हिसाब: फरार चल रहा था मुख्य शूटर
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले निसिंग के गोंदर गांव में सूरज नाम के युवक की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य वारदात ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। हालांकि दो आरोपियों को पहले ही दबोचा जा चुका था, लेकिन मुख्य शूटर गोविंद पुलिस की पकड़ से दूर था। एसआई रोहताश के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सूरज हत्याकांड की कड़ियां जुड़ती नजर आ रही हैं। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
रिमांड के बाद खुलेंगे जुर्म की दुनिया के और भी राज
पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक और अवैध हथियार बरामद कर लिए हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस गोविंद को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस हत्याकांड के पीछे की असली साजिश और इसमें शामिल अन्य मददगारों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल, करनाल पुलिस इस कामयाब ऑपरेशन को जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक बड़ी जीत मान रही है।