हरियाणा में अब घर बैठे पास होगा घर का नक्शा, CM सैनी ने लॉन्च किया डिजिटल पोर्टल
May 09, 2026 1:06 PM
हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को 'लाल फीताशाही' से मुक्त कर तकनीक से जोड़ने का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने दो ऐसी सेवाओं का आगाज किया, जो सीधे तौर पर आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों को खत्म करेंगी। सरकार का दावा है कि इन डिजिटल कदमों से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी दफ्तरों में लगने वाली लंबी कतारों से भी मुक्ति मिलेगी।
व्हाट्सएप पर 'जे-फार्म': आढ़तियों की निर्भरता खत्म
किसानों के लिए फसल बेचना अब महज मंडी तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब किसानों को एमएसपी पर फसल बेचने के बाद जे-फार्म के लिए आढ़तियों के आगे-पीछे नहीं घूमना होगा। सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे सीधे व्हाट्सएप पर भेजने की व्यवस्था की है। 6 मई तक के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के करीब 5.78 लाख किसानों को 13.77 लाख जे-फार्म डिजिटल माध्यम से भेजे जा चुके हैं। यह कदम पारदर्शिता की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
एक क्लिक पर नक्शा पास: भ्रष्टाचार पर होगा प्रहार
शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए 'हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम' एक बड़ी राहत लेकर आया है। पहले चरण में पुरानी नगर पालिकाओं और कोर एरिया के रिहायशी प्लॉट्स के लिए इसे शुरू किया गया है। अब आर्किटेक्ट्स के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर नक्शा पास कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अधिकारियों और आर्किटेक्ट्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि फाइलें अटके नहीं और जनता को समय पर मंजूरी मिल सके।
खजाना खुला: लाभार्थियों के खातों में पहुंची राहत
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल डिजिटल पोर्टल ही लॉन्च नहीं किए, बल्कि प्रदेश के 58 लाख से अधिक लाभार्थियों को करोड़ों की सौगात भी दी। 24 अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं के तहत 2,115 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजी गई। इसमें 'दयालु योजना' के तहत प्रभावित परिवारों को दी गई सहायता और 'हर घर-हर गृहिणी' योजना के तहत गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी शामिल है। गौरतलब है कि इस योजना के जरिए पात्र महिलाओं को महज 500 रुपये में रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
मंडियों में रिकॉर्ड आवक और सुचारू खरीद
गेहूं खरीद के मोर्चे पर भी सरकार ने अपनी पीठ थपथपाई है। 7 मई तक मंडियों में 84 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से अधिकांश की खरीद और उठान की प्रक्रिया को सरकार ने सुव्यवस्थित बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोमैट्रिक सत्यापन और सीधी अदायगी से किसानों का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ा है।