हरियाणा सफाई संकट: अंबाला में कूड़े के ढेर, कुरुक्षेत्र में नाले जाम और कैथल में हड़ताल से हाहाकार।
May 09, 2026 12:46 PM
हरियाणा। सफाई कर्मचारियों की जिद और लंबे समय से खिंचती आ रही हड़ताल ने शहर की शक्ल बिगाड़ दी है। आलम यह है कि शहर के मुख्य चौराहों से लेकर रिहायशी इलाकों की गलियों तक कूड़े के पहाड़ नजर आने लगे हैं। उठती दुर्गंध ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
अंबाला: कूड़े के ढेर पर 'ट्विन सिटी', प्रशासन ने तैयार किया 'प्लान-बी'
अंबाला छावनी और शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। सफाई कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल ने प्रशासन की नाक में दम कर दिया है, जिसके चलते गलियों और मुख्य सड़कों पर कूड़े के ऊंचे ढेर लग गए हैं। उठती दुर्गंध ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद अब सख्ती के मूड में है। सूत्रों की मानें तो अब केंटोनमेंट बोर्ड के कर्मचारियों की मदद लेकर शहर की सफाई कराने पर विचार किया जा रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली टीमों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल घरों का ही नहीं, बल्कि सड़कों पर बिखरा कचरा भी उठाएं ताकि जनता को थोड़ी राहत मिल सके।
कुरुक्षेत्र: कागजों में टेंडर, धरातल पर गंदगी; क्या डूबेगी धर्मनगरी?
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में मानसून की दस्तक में महज डेढ़ महीना बाकी है, लेकिन नगर परिषद की सुस्ती इस बार शहर को डुबोने का संकेत दे रही है। शहर के मुख्य नाले सफाई न होने के कारण झाड़ियों और मलबे से भरे पड़े हैं। स्थानीय निवासी चरण सिंह और अमरजीत का कहना है कि नालों की सफाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है; गंदगी निकालकर बाहर सड़क पर छोड़ दी जाती है जो बारिश के साथ वापस नालों में गिर जाती है। हालांकि, नगर परिषद के ईओ राजेश कुमार का दावा है कि करीब 2 करोड़ रुपये के विभिन्न टेंडर लगाए जा चुके हैं और सीजन से पहले सफाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन सवाल वही है कि क्या ये काम समय रहते पूरा हो पाएगा?
कैथल: सर्वेक्षण की चुनौती और हड़ताल की मार
कैथल में हालात और भी पेचीदा हैं। एक तरफ केंद्र सरकार का 'स्वच्छ सर्वेक्षण-2026' सिर पर है और टीमें कभी भी निरीक्षण के लिए आ सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कचरा मुक्त शहर (Garbage Free City) का सपना फिलहाल टूटता दिख रहा है। हड़ताल का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है; नगर परिषद कार्यालय के गेट पर धरने के कारण प्रॉपर्टी आईडी, एनओसी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी काम भी ठप पड़े हैं। जिला नगर आयुक्त कपिल शर्मा के मुताबिक बातचीत जारी है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।