करनाल के दो सरपंच सस्पेंड: श्मशान और स्कूल की जमीन पर उगा दी फर्जी फसल
May 09, 2026 1:33 PM
करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में सत्ता की हनक और सरकारी पोर्टल का दुरुपयोग कर 'मोटा माल' कूटने वाले दो सरपंचों पर प्रशासन का चाबुक चला है। तरावड़ी खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमुपुर और सांभली के सरपंचों को जिला उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इन जनप्रतिनिधियों पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी रिकॉर्ड के साथ ऐसी छेड़छाड़ की जिसे सुनकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। सरकारी पोर्टल पर उन जमीनों पर लहलहाती फसलें दिखाई गईं, जहां असल में स्कूल की इमारतें खड़ी हैं या जहां मुर्दों का अंतिम संस्कार किया जाता है।
कागजों में 'उपजाऊ' बना दिए श्मशान और स्कूल
भ्रष्टाचार का यह खेल 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के जरिए खेला गया। जांच में सामने आया कि इन सरपंचों ने मिलीभगत कर श्मशानघाट, स्कूल और गौचरान (चरागाह) जैसी गैर-काश्त योग्य भूमि पर भी फसल की पैदावार दिखा दी। यह सब केवल कागजों तक सीमित था ताकि फर्जी पंजीकरण के आधार पर सरकारी सब्सिडी और अन्य आर्थिक लाभ सीधे अपनी जेब में डाले जा सकें। जिला उपायुक्त ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई को हरी झंडी दी।
अमुपुर और सांभली का जमीन घोटाला: आंकड़ों की बाजीगरी
मामले की तह तक जाने के लिए सांभली निवासी पंच बलराज शर्मा ने मोर्चा खोला और जिला उपायुक्त को शिकायत सौंपी। अमुपुर गांव की बात करें तो यहां कुल 94 एकड़ जमीन थी, जिसमें से करीब 6 एकड़ से ज्यादा जमीन खेती के लायक ही नहीं थी। इसके बावजूद, पूरी की पूरी जमीन को एक व्यक्ति विशेष के नाम पोर्टल पर चढ़ा दिया गया, जबकि असल पट्टेदार कोई और था। सांभली में भी यही पैटर्न दोहराया गया, जहां 48 एकड़ से अधिक जमीन में से लगभग 30 एकड़ गैर-मुमकिन थी, लेकिन पोर्टल पर इसे काश्त योग्य दिखाकर बंदरबांट की गई।
प्रशासन की चेतावनी: अभी और खुलेंगे राज
जिला उपायुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल निलंबन तक सीमित नहीं रहेगा। मामले की गहराई से पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकारी संपत्ति और पोर्टल के साथ धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य पंचायतों में भी हड़कंप मचा हुआ है, जहां पोर्टल पर पंजीकरण के नाम पर खेल होने की आशंका है।