सीएनजी और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हरियाणा में मचा हड़कंप, जानें पम्प मालिकों का रिएक्शन
May 15, 2026 2:09 PM
हरियाणा। हरियाणा में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में आई हालिया तेजी ने न केवल आम आदमी का बजट बिगाड़ा है, बल्कि इस क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की भी पेशानी पर बल ला दिए हैं। प्रदेश के अधिकांश शहरों में डीजल अब 90 रुपये के पार जा चुका है, जबकि पेट्रोल की कीमतें शतक लगाने की ओर अग्रसर हैं। फतेहाबाद में तो पेट्रोल 99.40 रुपये प्रति लीटर के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस बढ़ती कीमतों पर जब 'जग मार्ग' ने ग्राउंड जीरो पर पेट्रोल पंप संचालकों और ट्रांसपोर्टर्स से बात की, तो मिली-जुली लेकिन गहरी चिंता वाली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
"सेल पर पड़ रहा है असर": पेट्रोल पंप संचालकों की अजीबोगरीब मांग
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहां आम जनता त्राहि-माम कर रही है, वहीं कुछ पेट्रोल पंप संचालकों का मानना है कि कीमतें अभी और बढ़नी चाहिए ताकि बाजार की अनिश्चितता खत्म हो। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की बचत को लेकर की गई अपील का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। संचालकों के मुताबिक, लोग अब बेवजह गाड़ी निकालने से बच रहे हैं और पेट्रोल-डीजल का बेहद नपा-तुला इस्तेमाल कर रहे हैं। नतीजा यह है कि पंपों पर होने वाली दैनिक सेल (बिक्री) में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे उनके कमीशन और टर्नओवर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में खलबली: "महंगाई बढ़ेगी, पर हम सरकार के साथ"
ट्रांसपोर्टर्स के लिए डीजल के दाम बढ़ना किसी 'डबल डोज' की तरह है। ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि डीजल की कीमतों में 3 रुपये का उछाल सीधे तौर पर माल ढुलाई की लागत को बढ़ा देता है। जब ट्रक का पहिया महंगा घूमता है, तो बाजार में आने वाली सब्जी, फल और अनाज के दाम खुद-ब-खुद चढ़ जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि आर्थिक बोझ बढ़ने के बावजूद ट्रांसपोर्टर्स ने राष्ट्रहित का हवाला देते हुए सरकार के इस कड़े फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि वे सरकार के हर निर्णय के साथ खड़े हैं, भले ही इससे उनके निजी कामकाज और मुनाफे में कमी आए।
आम आदमी की थाली पर संकट: महंगाई के चक्रव्यूह में फंसा प्रदेश
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि केवल तेल तक सीमित नहीं रहेगी। यह एक ऐसी चेन रिएक्शन शुरू करती है जो सीधे आम आदमी की थाली पर प्रहार करती है। हरियाणा में सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं, जिससे ऑटो और टैक्सी चालकों ने किराए बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मध्यम वर्ग के लिए स्थिति 'इधर कुआं उधर खाई' वाली हो गई है—एक तरफ आवाजाही महंगी हो रही है और दूसरी तरफ रसद महंगी होने से घर का राशन भी जेब पर भारी पड़ रहा है।