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Chandigarh News: चंडीगढ़ निगम हाउस में हंगामा, वेंडरों की कमाई पर कांग्रेस-BJP आमने-सामने

Apr 08, 2026 1:39 PM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम हाउस की बैठक बुधवार को शुरू होते ही हंगामे में बदल गई, जब कांग्रेस पार्षदों ने शहर में मकान तोड़े जाने और वेंडरों की कमाई का मुद्दा जोरशोर से उठाया। बैठक के दौरान पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने अपने क्षेत्र में हो रही तोड़फोड़ का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन पर सवाल खड़े किए और पूछा कि क्या निगम लोगों के साथ खड़ा है या नहीं। इस बीच मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि सभी पार्टियां मिलकर इस मुद्दे पर काम कर रही हैं और इसके लिए ऑल पार्टी कमेटी बनाई गई है।

वेंडरों की कमाई पर गरमाई बहस

बैठक के दौरान वेंडरों की कमाई का मुद्दा उठते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षद आमने-सामने आ गए। पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि शहर में करीब 25 हजार वेंडर हैं, लेकिन सिर्फ 4 हजार ही निगम को शुल्क दे रहे हैं, बाकी रकम का कोई हिसाब नहीं है। इस पर कांग्रेस पार्षद दमन ने कार्रवाई की मांग की, जबकि भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि रोजी-रोटी कमाने वालों पर दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। इसी दौरान तीखी टिप्पणी के बाद माहौल और गर्म हो गया और हाउस में शोर-शराबा शुरू हो गया।

पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक

विवाद के दौरान भाजपा पार्षद के बयान पर कांग्रेस पार्षद प्रेम लता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हाउस में कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित हो गई। मेयर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसी भी पार्षद पर व्यक्तिगत टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी को मर्यादा में रहकर अपनी बात रखनी होगी। इसके बावजूद माहौल देर तक तनावपूर्ण बना रहा।

पार्किंग पास में छूट का प्रस्ताव

मीटिंग में शहरवासियों को राहत देने के लिए पार्किंग पास में 10 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव भी पेश किया गया। इसके अनुसार चारपहिया वाहन के लिए मासिक 500 रुपये के हिसाब से बनने वाला सालाना पास 6000 की जगह 5400 रुपये में मिलेगा। वहीं, दोपहिया वाहन के लिए 250 रुपये मासिक के हिसाब से बनने वाला 3000 रुपये का सालाना पास घटकर 2700 रुपये हो जाएगा। इस प्रस्ताव को लेकर पार्षदों के बीच चर्चा हुई और इसे लागू करने पर विचार किया गया।

116 करोड़ के एफडी घोटाले पर सवाल

बैठक में IDFC बैंक में हुए 116 करोड़ रुपये के फर्जी एफडी घोटाले का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस पार्षद दमन ने पूछा कि इतनी बड़ी राशि की एफडी बनाने की मंजूरी किसने दी, जबकि अन्य बैंक अधिक ब्याज दे रहे थे। इस पर मेयर ने जानकारी का स्रोत पूछा। वहीं पार्षद तरुणा मेहता ने निगम कमिश्नर से सवाल किया कि इस राशि की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को क्यों दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और कुछ कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी उठे सवाल

आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र ने निगम भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब निगम की अपनी इमारत में सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम जारी है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा। बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई और अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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