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सोनीपत मंडी में बरसे राव नरेंद्र: "नमी के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद करे सरकार, MSP के दावे फेल"

Apr 08, 2026 3:21 PM

सोनीपत। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र आज सोनीपत की नई अनाज मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं की आवक और सरकारी खरीद की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। किसानों और आढ़तियों से बात करने के बाद राव नरेंद्र ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बीजेपी के 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' (MSP) के तमाम दावे कागजी साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां जानबूझकर नमी और अन्य तकनीकी बहाने बनाकर किसानों को परेशान कर रही हैं, जिससे मंडियों में गेहूं के अंबार लगे हैं लेकिन उठान की गति बेहद धीमी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि आज का किसान अपनी फसल बेचने के लिए खून के आंसू रो रहा है।

राज्यसभा चुनाव के 'बागी' विधायकों पर बरसे अध्यक्ष: "हिम्मत है तो इस्तीफा दें"

मंडी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राव नरेंद्र का गुस्सा उन पांच कांग्रेस विधायकों पर भी फूटा जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग की थी। उन्होंने कहा कि अनुशासन कमेटी की जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट दिल्ली दरबार (आलाकमान) को भेज दी गई है। इन विधायकों पर जल्द ही गाज गिरना तय है। राव नरेंद्र ने चुनौती देते हुए कहा, "अगर इन विधायकों ने वाकई अपनी आत्मा की आवाज पर वोट दिया है, तो उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। जनता ने उन्हें कांग्रेस के सिंबल पर जिताया था, लेकिन उन्होंने मतदाताओं और पार्टी के साथ गद्दारी की है।"

"बीजेपी ने किया सत्ता और बाहुबल का दुरुपयोग"

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राव नरेंद्र ने बीजेपी को लोकतंत्र का हत्यारा बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने जानबूझकर अपने एक पदाधिकारी को तीसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा ताकि 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का रास्ता खुल सके। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल किया गया और विपक्षी विधायकों पर मानसिक व राजनीतिक दबाव बनाया गया।

वीरेंद्र सिंह की 'सद्भाव यात्रा' और गुटबाजी पर सफाई

पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह द्वारा निकाली जा रही 'सद्भाव यात्रा' को लेकर पूछे गए सवाल पर राव नरेंद्र ने स्पष्ट किया कि यह कांग्रेस की कोई आधिकारिक यात्रा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो नेता इसमें शामिल होना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी यात्राओं से जनसंपर्क बढ़ता है और अंततः कांग्रेस ही मजबूत होती है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक किसानों की आवाज बुलंद करती रहेगी।

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