हरियाणा रोडवेज में शामिल होंगी 1000 नई बसें, अनिल विज ने यात्रियों को दी बड़ी सौगात
May 15, 2026 12:34 PM
हरियाणा। हरियाणा की 'लाइफलाइन' कही जाने वाली रोडवेज बसों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज ने विभाग की सूरत बदलने की तैयारी कर ली है। विज ने घोषणा की है कि जल्द ही रोडवेज के बेड़े में 1,000 नई बसें जोड़ी जाएंगी। खास बात यह है कि इनमें से 500 बसें पर्यावरण के अनुकूल 'इलेक्ट्रिक' होंगी, जिन्हें मुख्य रूप से शहरी रूटों पर उतारा जाएगा। इस कदम से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ऑटो और टैक्सी के महंगे किराए की मार झेल रहे आम आदमी को सस्ता और आरामदायक विकल्प भी मिलेगा।
अब बस के लिए घंटों इंतजार खत्म, मोबाइल पर दिखेगी 'लाइव लोकेशन'
परिवहन विभाग अब तकनीक के मामले में रेलवे से लोहा लेने की तैयारी में है। परिवहन मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत बस की सटीक जानकारी न होना रहती है। इसे दूर करने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप्लिकेशन विकसित की जा रही है। इस ऐप के जरिए यात्री घर बैठे यह देख सकेंगे कि उनकी बस अभी कहां है और स्टैंड पर कितने बजे पहुंचेगी। अनिल विज ने स्वयं इस सिस्टम का ट्रायल देखा है और संतुष्टि जताई है। इसे जल्द ही किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है।
ड्राइवरों की 'मनमर्जी' पर लगाम: रूट बदला तो सीधे मुख्यालय पहुंचेगा अलर्ट
अक्सर शिकायतें आती हैं कि बस ड्राइवर निर्धारित रूट के बजाय शॉर्टकट या अपनी मर्जी के रास्ते चुन लेते हैं, जिससे स्टैंड पर खड़े यात्री परेशान होते हैं। नई तकनीक इस समस्या का भी समाधान करेगी। सभी बसों में अत्याधुनिक ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यदि कोई भी बस अपने तयशुदा रूट से भटकती है, तो विभाग के कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट पहुंच जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि सरकारी डीजल की चोरी और यात्रियों की असुविधा पर भी लगाम लगेगी।
क्लीन और ग्रीन ट्रांसपोर्ट: प्रदूषण मुक्त शहरों का सपना
परिवहन मंत्री अनिल विज के मुताबिक, 500 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शहरों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। ये बसें न केवल शोर मुक्त होंगी, बल्कि इनके संचालन से कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य परिवहन को 'स्मार्ट' बनाने के साथ-साथ उसे आम आदमी की जेब के अनुकूल रखना भी है। नई बसों के आने से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रोडवेज का गौरव फिर से बहाल होगा।