स्कूलों की मनमानी पर हरियाणा सरकार का डंडा, RTE एडमिशन रोकने पर होगी ब्लॉक समिति की जांच
May 03, 2026 12:12 PM
अंबाला (जग मार्ग)। हरियाणा के निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत अपने बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देख रहे अभिभावकों के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन लॉटरी में सफल रहे उम्मीदवारों को आवंटित स्कूलों में 9 मई 2026 तक रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। विभाग ने आगाह किया है कि निर्धारित 10 दिनों के भीतर स्कूल न पहुंचने वाले छात्रों का आवेदन रद्द मान लिया जाएगा और उनकी जगह वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को मौका दिया जा सकता है।
स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी, तय हैं रिजेक्शन के नियम
विभाग ने उन स्कूलों को भी कड़ा संदेश दिया है जो अक्सर तकनीकी बहाने बनाकर गरीब बच्चों को दाखिला देने से बचते रहे हैं। निदेशालय के अनुसार, स्कूल केवल तभी एडमिशन रिजेक्ट कर सकते हैं जब निवास या आयु प्रमाण पत्र में कोई बड़ी खामी हो, या फिर EWS श्रेणी के तहत परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक पाई जाए। बिना किसी ठोस और लिखित कारण के बच्चों को स्कूल के गेट से वापस नहीं भेजा जा सकेगा।
शिकायत के लिए 'निगरानी समिति' करेगी त्वरित कार्रवाई
यदि कोई स्कूल संचालक नियमों की अवहेलना करता है या बेवजह दाखिला लटकाता है, तो अभिभावकों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। वे सीधे ब्लॉक स्तर की निगरानी समिति के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। समिति को पाबंद किया गया है कि वह 5 दिनों के भीतर शिकायत का निपटारा करे। यदि मामला खंड स्तर पर नहीं सुलझता, तो जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और अंततः संयुक्त निदेशक (निजी स्कूल) इस पर अंतिम फैसला सुनाएंगे। सहायता के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 भी जारी किया है।
दूरी का गणित: 1 किमी के दायरे वालों की 'पक्की' सीट
नियमों के मुताबिक, स्कूल के 0 से 1 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र बच्चों को दाखिला देना स्कूल की कानूनी जिम्मेदारी है। विभाग ने यह भी साफ किया है कि यदि स्कूल 1 से 3 किलोमीटर के दायरे के बच्चों को स्वेच्छा से प्रवेश देता है, तो उनकी फीस की भरपाई सरकार करेगी। हालांकि, 3 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले बच्चों के लिए विभाग की ओर से कोई वित्तीय भुगतान नहीं किया जाएगा। ऐसे में अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों की जांच करा लें और 9 मई से पहले रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी करें।