हरियाणा के मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राहत: अब 8 लाख तक की आय पर भी मिलेगी छात्रवृत्ति
Mar 17, 2026 12:23 PM
हरियाणा। हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और छात्र कल्याण की दिशा में सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। प्रदेश के उन हजारों छात्रों के लिए अब छात्रवृत्ति का रास्ता साफ हो गया है, जो अब तक परिवार की सालाना आय ढाई लाख रुपये से अधिक होने के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार, अब 1.80 लाख से लेकर 8 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चे भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए सरकार ने 'सरल हरियाणा' पोर्टल पर 'हर छात्रवृत्ति पोर्टल' नाम से एक विशेष विंडो शुरू की है, जो सीधे तौर पर छात्रों के बैंक खातों तक सहायता राशि पहुँचाने का काम करेगी।
आय सीमा की बाधा हुई खत्म, जारी होंगे विशेष प्रमाण पत्र
परिवार पहचान पत्र (PPP) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि पहले कई मेधावी छात्र सिर्फ इसलिए पिछड़ जाते थे क्योंकि उनके परिवार की आय 2.5 लाख रुपये की तय सीमा से थोड़ी ज्यादा होती थी। अब सरकार ने इस विसंगति को दूर कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत, 8 लाख तक की आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए विशेष आय प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इन प्रमाणपत्रों पर तकनीकी रूप से आय सीमा को छात्रवृत्ति के मानकों के अनुरूप दिखाया जाएगा, ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर भी मिलेगी मान्यता
डॉ. खोला के अनुसार, वर्तमान में 'सरल पोर्टल' के जरिए जारी किए जाने वाले आय प्रमाण पत्र ही सभी छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आधार माने जाते हैं। चूंकि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर आवेदन के लिए अभी तक कोई अलग श्रेणी नहीं थी, इसलिए हरियाणा सरकार ने इसी श्रेणी के तहत जारी प्रमाण पत्रों को वहां भी मान्य बनाने का प्रावधान किया है। इसका मतलब यह है कि अब हरियाणा का छात्र न केवल राज्य स्तर की, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित छात्रवृत्तियों के लिए भी पूरी तरह पात्र माना जाएगा।
हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान
सरकार की इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में 'इन्फॉर्मेशन गेन' और 'इक्विटी' के तौर पर देखा जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के वे परिवार जो मध्यम आय वर्ग में आते हैं, उनके लिए उच्च शिक्षा का खर्च उठाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। इस आय सीमा के विस्तार से अब उन परिवारों के बच्चों को आर्थिक संबल मिलेगा, जिनकी पढ़ाई बीच में ही पैसे की कमी या पात्रता न होने के कारण रुक जाती थी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से इस नई योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि 1.80 लाख से ऊपर की आय वाले विद्यार्थी भी समय रहते अपना पंजीकरण करा सकें।