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हरियाणा में गन्ना किसानों को 5 हजार रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी, नई तकनीक अपनाने पर मिलेगा फायदा

Mar 11, 2026 11:56 AM

हरियाणा।  हरियाणा में लगातार घटती गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई योजनाओं का ऐलान किया है। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में गन्ने का रकबा और उत्पादन दोनों घटे हैं। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार 2020-21 की तुलना में 2025-26 तक गन्ने के रकबे में करीब 83,658 एकड़ की कमी का अनुमान है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने नई तकनीक से गन्ना खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 5 हजार रुपये तक की सब्सिडी देने का फैसला किया है।

प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे किसानों की लागत कम होगी और गन्ने की खेती फिर से बढ़ सकती है। इससे चीनी मिलों को भी पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिलने की उम्मीद है।

उत्पादन और पैदावार में भी आई गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार गन्ने की औसत पैदावार में भी गिरावट दर्ज की गई है। औसत पैदावार में 18.09 क्विंटल प्रति एकड़ की कमी आई है और कुल उत्पादन में करीब 322.54 क्विंटल की गिरावट दर्ज हुई है।

इसका असर प्रदेश की चीनी मिलों पर भी पड़ा है। गन्ना पिराई के औसत कार्य दिवस में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।

गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत बढ़ाई गई सब्सिडी

विधानसभा के बजट सत्र में बीजेपी विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहन दे रही है।

उन्होंने बताया कि पहले नई तकनीक अपनाने पर प्रति एकड़ 3 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब 5 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया है।

नई किस्मों और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने और किसानों की आमदनी सुधारने के लिए हर साल राज्य सुझावित मूल्य जारी किया जाता है। साथ ही विभाग की ओर से किसानों को बिजाई से लेकर कटाई तक नई तकनीकों के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसानों को रोगमुक्त और स्वस्थ बीज उपलब्ध कराने के लिए भी प्रति एकड़ 5 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।

इन तरीकों से खेती करने पर मिलेगा अनुदान

सरकार ने गन्ने की नई किस्मों जैसे CO-15023 को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहन योजना लागू की है। किसान यदि इस किस्म का बीज खरीदते हैं या तैयार कर दूसरे किसानों को बेचते हैं तो दोनों ही स्थितियों में उन्हें प्रति एकड़ 5 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा।

एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों को पहले 3 हजार रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 5 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा 4 फीट दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को भी अब 5 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

टिशू कल्चर पौध और हार्वेस्टर की सुविधा

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में गन्ने की खेती को आधुनिक बनाने के लिए टिशू कल्चर विधि अपनाने वाले किसानों को गन्ने की पौध मुफ्त देने का प्रस्ताव रखा है। इससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध मिल सकेगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा सहकारी चीनी मिलों के माध्यम से किसानों को गन्ना हार्वेस्टर उपलब्ध कराने की योजना भी है। इससे गन्ने की कटाई की लागत कम होगी और समय पर फसल कटाई संभव हो सकेगी।

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