सिरसा रोडवेज में महाघोटाला! 34 यात्री बिना टिकट मिले, कंडक्टर सस्पेंड; जीएम की रेड से मचा हड़कंप
Apr 25, 2026 2:42 PM
सिरसा। हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं पटरी पर लौटते ही कुछ कर्मचारियों की 'काली कमाई' के खेल ने विभाग की साख पर बट्टा लगाना शुरू कर दिया है। सिरसा डिपो के महाप्रबंधक (GM) कुलदीप जांगड़ा के नेतृत्व में गठित फ्लाइंग स्क्वॉड ने पिछले दो दिनों में जो खुलासे किए हैं, उसने डिपो के भीतर चल रहे कथित सिंडिकेट की पोल खोल दी है। इन बैक-टू-बैक कार्रवाइयों से चालक और परिचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
34 यात्री, 370 रुपये एक्स्ट्रा और एक सस्पेंशन
गबन का सबसे बड़ा मामला 22 अप्रैल को हस्सू गांव के पास सामने आया। जब इंस्पेक्टर अशोक की टीम ने कालांवाली से डबवाली जा रही बस को रुकवाकर कॉपियां और टिकट मशीन चेक की, तो अधिकारी दंग रह गए। बस में मौजूद 34 यात्री ऐसे थे जिनके पास कोई टिकट नहीं था। जब यात्रियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि परिचालक ने उनसे पूरा किराया वसूला था, लेकिन टिकट मांगने पर टालमटोल कर दी। कंडक्टर जाकिर हुसैन के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 370 रुपये अतिरिक्त भी मिले। इस गंभीर लापरवाही और गबन पर जीएम कुलदीप जांगड़ा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी कंडक्टर को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
सामान की अवैध ढुलाई का 'साइड बिजनेस'
रोडवेज में केवल टिकट का ही खेल नहीं चल रहा, बल्कि सरकारी और लीज पर ली गई बसों को 'कूरियर सर्विस' के रूप में इस्तेमाल कर कर्मचारी अपनी जेबें भर रहे हैं। 22 अप्रैल को ही चंडीगढ़-सिरसा रूट की एक लीज बस के चालक को यात्रियों से 400 रुपये लेकर अवैध तरीके से सामान ढोते पकड़ा गया।
इसके अगले ही दिन यानी 23 अप्रैल की रात को दिल्ली-हिसार रूट पर चल रही सिरसा डिपो की बस में चेकिंग हुई। यहाँ कंडक्टर अंकित पर 700 रुपये लेकर सामान लाने का आरोप लगा है। जब टीम ने पूछताछ की, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। मामले की फाइल अब यातायात शाखा को सौंप दी गई है और जल्द ही विभागीय कार्रवाई की तलवार उन पर भी लटक सकती है।
प्रशासन का रुख: "बख्शे नहीं जाएंगे बेईमान"
सिरसा रोडवेज के जीएम कुलदीप जांगड़ा ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की छवि धूमिल करने वाले और राजस्व को चूना लगाने वाले कर्मचारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि उड़नदस्ता टीमों को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है और अब हर छोटे-बड़े रूट पर रैंडम चेकिंग की जाएगी। रोडवेज प्रशासन की इस सख्ती से ईमानदार कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, जबकि जुगाड़ से कमाई करने वालों के माथे पर पसीना है।