छात्राओं के पोस्टरों में दिखी उत्तराखंड की विकास गाथा; मुख्यमंत्री ने सराहा रचनात्मक प्रयास
Apr 25, 2026 4:01 PM
उत्तराखंड। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी 'मुख्य सेवक' की छवि को चरितार्थ करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनता की अदालत लगाई। प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों से अपनी समस्याएं लेकर आए नागरिकों से सीएम ने बिना किसी औपचारिकता के सीधे संवाद किया। जनसुनवाई के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता के कई गंभीर मामलों पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाही के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा, "जनता की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। फाइलें मेजों पर न दबी रहें, बल्कि उनका प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।" उन्होंने शासन-प्रशासन को अधिक संवेदनशील और पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए।
फिल्म नीति से मिली नई पहचान: कलाकारों ने जताया आभार
इस जनसुनवाई के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। राज्य में लागू की गई नई और प्रभावी फिल्म नीति के लिए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र सौंपा। कलाकारों का मानना है कि इस नीति से उत्तराखंड फिल्म निर्माण के एक ग्लोबल हब के रूप में उभर रहा है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय कलाकारों और युवाओं को रोजगार के रूप में मिल रहा है।
पोस्टर के जरिए योजनाओं का आभार: छात्राओं की रचनात्मकता ने जीता दिल
जन जागरण अभियान समिति के तत्वाधान में विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने एक अनूठी प्रस्तुति दी। छात्राओं ने राज्य सरकार की 15 सबसे उत्कृष्ट योजनाओं को आकर्षक पोस्टरों के जरिए मुख्यमंत्री के सामने रखा। इन पोस्टरों के माध्यम से छात्राओं ने बताया कि कैसे 'बेटियों' और 'युवाओं' के लिए चलाई जा रही योजनाएं समाज की तस्वीर बदल रही हैं।
छात्राओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "ऐसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को शासन और समाज के प्रति संवेदनशील बनाती हैं।" उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रशासनिक मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान समेत मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने की जिम्मेदारी सौंपी।