हिसार पुलिस का बड़ा धमाका: शेयर मार्केट के नाम पर करोड़ों ठगने वाले 5 मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Apr 25, 2026 3:13 PM
हिसार। साइबर अपराधियों ने अब ठगी के लिए शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड को अपना नया हथियार बना लिया है। हिसार पुलिस ने एक ऐसे ही हाई-टेक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई को पलक झपकते ही साफ कर देता था। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और एएसपी मयंक मुदगिल के नेतृत्व में साइबर थाना हिसार की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पंजाब, राजस्थान और हैदराबाद में छापेमारी कर 5 मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है।
बरवाला के युवक से 29 लाख की ठगी, ऐसे फंसाते थे चंगुल में
इस गिरोह का शिकार बरवाला का एक युवक बना, जिससे आरोपियों ने करीब 29 लाख रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि ये जालसाज इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर लुभावने विज्ञापन देते थे। खुद को नामी म्यूचुअल फंड कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर ये पीड़ितों को एक खास ऐप डाउनलोड करवाते थे। इस फर्जी ऐप में पीड़ित को अपना 'प्रॉफिट' (मुनाफा) बढ़ता हुआ दिखाई देता था, जिससे प्रभावित होकर वह और अधिक पैसा निवेश करता था। जब पीड़ित ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने 'टैक्स' और 'क्लियरेंस' के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
फर्जी फर्म और 'लेयरिंग' का खेल
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ठगी की रकम सीधे मुख्य आरोपियों के खाते में नहीं जाती थी, बल्कि इसे कई अलग-अलग बैंक खातों से घुमाया (Layering) जाता था। अंत में यह पैसा एक फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर किया जाता था। इस मामले की कड़ी फरीदाबाद से जुड़ी थी, जहां से एक आरोपी को पहले ही दबोचा जा चुका है। आरोपियों के कब्जे से बरामद 18 मोबाइल और 33 पासबुक इस बात का प्रमाण हैं कि वे कितने बड़े स्तर पर फर्जी बैंक खातों का संचालन कर रहे थे।
पुलिस की चेतावनी: "स्क्रीन पर दिखने वाले मुनाफे से बचें"
एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उम्मीद है कि देश के अन्य राज्यों में हुई कई बड़ी ठगी के मामलों का भी खुलासा होगा। पुलिस ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि व्हाट्सएप ग्रुप या इंस्टाग्राम पर मिलने वाले किसी भी इन्वेस्टमेंट टिप्स पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और सेबी (SEBI) रजिस्ट्रेशन की जांच अवश्य करें।