Search

हरियाणा सुपर-100: इस साल नहीं बदलेगा एग्जाम पैटर्न, 2 परीक्षाओं से ही मिलेगा IIT-NEET की फ्री कोचिंग का मौका

Mar 16, 2026 1:34 PM

हरियाणा। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन मेधावी छात्रों के लिए बड़ी खबर है, जो देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में दाखिले का सपना देख रहे हैं। प्रदेश सरकार के चर्चित 'सुपर-100' कार्यक्रम के तहत इस बार भी चयन प्रक्रिया में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि, चर्चा थी कि इस बार से चयन के लिए तीन लेवल की परीक्षा प्रणाली लागू होगी, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों और औपचारिक स्वीकृतियों के अभाव में शिक्षा निदेशालय ने इसे फिलहाल टाल दिया है। अब विद्यार्थियों को केवल दो स्तर की चुनौतियों को पार कर फ्री कोचिंग के जादुई घेरे में प्रवेश मिल सकेगा।

कुरुक्षेत्र में सजेगी दूसरे दौर की बिसात

योजना के मुताबिक, पहले स्तर (Level-1) की परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और इसके नतीजे भी सार्वजनिक किए जा चुके हैं। अब जो छात्र पहले पायदान को पार करने में सफल रहे हैं, उन्हें दूसरे स्तर की परीक्षा के लिए कुरुक्षेत्र स्थित 'सुपर-100' के मुख्यालय बुलाया जाएगा। यह परीक्षा केवल किताबी ज्ञान की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की तर्कशक्ति और उनके जुझारूपन की भी कसौटी होगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय, पंचकूला ने कुरुक्षेत्र मुख्यालय को साफ निर्देश दिए हैं कि इस सत्र में पुरानी व्यवस्था को ही बरकरार रखा जाए ताकि छात्रों में किसी प्रकार का भ्रम न फैले।

अगले साल से बढ़ेगी चुनौती, तीन चरणों में होगा फिल्टर

हालांकि इस साल छात्र बच गए हैं, लेकिन अगले शैक्षणिक सत्र से 'सुपर-100' में जगह बनाना और कठिन होने वाला है। निदेशालय ने उस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है जिसमें तीन स्तरीय परीक्षा प्रणाली की बात कही गई है। भविष्य में छात्रों को पहले और दूसरे स्तर की परीक्षा निर्धारित केंद्रों पर देनी होगी, जबकि फाइनल राउंड कुरुक्षेत्र हेड ऑफिस में होगा। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन असाधारण प्रतिभा वाले बच्चों को चुनना है ताकि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से 'फ्लॉलेस' और पारदर्शी बनाया जा सके।

सपनों को पंख लगाती हरियाणा की यह पहल

बता दें कि हरियाणा सरकार की यह योजना उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनके माता-पिता निजी कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस वहन नहीं कर सकते। कुरुक्षेत्र और रेवाड़ी जैसे केंद्रों पर इन बच्चों को रहने, खाने और पढ़ाई की विश्वस्तरीय सुविधाएं मुफ्त दी जाती हैं। इस कार्यक्रम ने पिछले कुछ वर्षों में आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में शानदार नतीजे देकर अपनी उपयोगिता साबित की है। निदेशालय के ताजा फैसले से वर्तमान बैच के छात्रों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि उन्हें अब एन वक्त पर नए परीक्षा पैटर्न से जूझना नहीं पड़ेगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!