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Haryana Weather Update: आज गुरुग्राम और रेवाड़ी समेत 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

May 08, 2026 10:06 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ समेत पूरे हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी शुष्क मौसम के बीच अब कुदरत के तेवर बदलने वाले हैं। हालांकि पिछले दिनों हुई बूंदाबांदी ने झुलसाने वाली गर्मी से आमजन को खासी राहत दी है, लेकिन यह शांति ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने आज विशेष रूप से दक्षिण हरियाणा के बेल्ट में अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल और रेवाड़ी जिलों में आज धूल भरी आंधी के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है क्योंकि अचानक तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।

तापमान का गणित: सिरसा सबसे गर्म, उत्तर हरियाणा में राहत

पारे की चाल देखें तो हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में फिलहाल 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे लू (Loo) का खतरा टला हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सिरसा 39 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तरी हरियाणा के जिलों में पारा 36 से 38 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल जैसे बेल्ट में तापमान 40 डिग्री के आंकड़े को छू सकता है। सूरज की तपिश और ठंडी हवाओं के बीच चल रही इस लुका-छिपी ने लोगों को मिश्रित मौसम का अनुभव कराया है।

10 मई से फिर बिगड़ेगा मौसम, 'येलो अलर्ट' जारी

असली बदलाव रविवार यानी 10 मई से देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। विभाग ने 10 से 12 मई के बीच पूरे प्रदेश के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।

किसानों और आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी

इस संभावित मौसमी बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसल और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित करने की सलाह दी है। आम नागरिकों को भी गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने को कहा गया है। मौसम विभाग की मानें तो मई का यह दूसरा हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहेगा, जहां एक तरफ सूरज की तल्खी बढ़ेगी तो दूसरी तरफ आंधी-पानी गर्मी पर ब्रेक लगाने का काम करेंगे।

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