Search

पानीपत में भीषण हादसा: सोते हुए परिवार पर गिरी छत, 4 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

May 08, 2026 5:18 PM

पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले के गांव पसीना खुर्द में एक गरीब मजदूर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गुरुवार की दोपहर एक पुराने मकान की छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसकी चपेट में आकर 4 वर्षीय आयुष की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब मासूम अपनी मां और बड़े भाई के साथ कमरे में सो रहा था। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

मजदूरी पर गया था पिता, पीछे से ढह गया आशियाना

मृतक आयुष के ताऊ बालिंद्र कुमार ने बताया कि उनका भाई रविंद्र दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार पालता है। गुरुवार दोपहर रविंद्र अपने दोनों बच्चों को स्कूल से लेकर घर आया और खाना खाकर वापस काम पर निकल गया। घर में उसकी पत्नी सोनिया (30), बड़ा बेटा साहिल (7) और छोटा बेटा आयुष (4) गहरी नींद में थे। दोपहर करीब 4 बजे अचानक छत का लोहे का गाटर बीच से तड़क गया और कड़ियों वाली भारी-भरकम छत सीधे बिस्तर पर आ गिरी।

पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर बचाई जान

छत गिरने की गूँज सुनकर आसपास के लोग बदहवास होकर रविंद्र के घर की ओर दौड़े। कमरा अंदर से बंद था, लिहाजा ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए दरवाजा तोड़ा और मलबे को हटाना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद सोनिया और दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में तीनों को सिवाह बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बदकिस्मती से आयुष की अस्पताल की दहलीज पर ही सांसें थम गईं। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनिया और साहिल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। सोनिया का हाथ टूट गया है और उसके चेहरे पर गहरे जख्म आए हैं।

अभी तो स्कूल के बस्ते का बोझ भी नहीं संभाला था...

परिजनों की मानें तो आयुष अभी ठीक से बोलना और चलना सीखा ही था। महज दो महीने पहले ही उसका दाखिला एक प्ले-वे स्कूल में कराया गया था। वह हर रोज बड़े उत्साह के साथ स्कूल जाता था, लेकिन किसे पता था कि यह नया सफर इतनी जल्दी खत्म हो जाएगा। बड़ा भाई साहिल पहली कक्षा का छात्र है, जो इस हादसे के बाद सदमे में है। गांव पसीना खुर्द के हर घर में आज चूल्हा नहीं जला है। ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस गरीब परिवार की सुध ली जाए, जिसका आशियाना भी छीन गया और कुल का चिराग भी बुझ गया।

You may also like:

Please Login to comment in the post!