अभिनेता पिजय बनेंगे तमिलनाडु के सीएम: बहुमत के लिए 118 विधायकों की संख्या पूरी, राज्यपाल की मंजूरी के इंतजार में TVK
May 08, 2026 5:03 PM
चेन्नई: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के बाद अब विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और CPI(M) भी TVK को समर्थन देने पर सहमत हो सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो विजय की पार्टी बहुमत का जरूरी आंकड़ा हासिल कर लेगी और विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से औपचारिक संयुक्त घोषणा नहीं हुई है।
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं। विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी। कांग्रेस के 5 विधायक पहले ही TVK को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं। इसके बाद VCK, CPI और CPI(M) के दो-दो विधायकों के समर्थन से TVK का आंकड़ा 118 तक पहुंच सकता है। इसी कारण चेन्नई में लगातार राजनीतिक बैठकों और संपर्क अभियान का दौर जारी है।
राज्यपाल से लगातार मुलाकात की कोशिश
TVK प्रमुख विजय पिछले तीन दिनों से तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं। 6 और 7 मई को भी उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राज्यपाल ने उनसे स्पष्ट बहुमत का समर्थन पत्र लाने को कहा था। राजभवन की ओर से जारी जानकारी में कहा गया था कि TVK अब तक जरूरी बहुमत साबित नहीं कर पाई है। इसी बीच शुक्रवार को विजय ने फिर से राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि अगर समर्थन पत्र पूरे हो जाते हैं तो शाम तक सरकार गठन पर स्थिति साफ हो सकती है।
सरकार गठन में देरी को लेकर TVK समर्थकों में नाराजगी भी देखने को मिली। शुक्रवार सुबह चेन्नई स्थित लोकभवन के बाहर पार्टी समर्थकों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। TVK नेताओं का कहना है कि जनता ने उनकी पार्टी को सबसे बड़ा जनादेश दिया है और इसलिए सरकार बनाने का पहला मौका उन्हें मिलना चाहिए। पार्टी यह भी दावा कर रही है कि अगर अन्य दल मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं तो राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है।
DMK-AIADMK समीकरणों पर भी चर्चा
तमिलनाडु की राजनीति में इस समय DMK और AIADMK के संभावित समीकरणों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर TVK बहुमत साबित नहीं कर पाती तो दोनों बड़े दल सरकार गठन के लिए नए विकल्प तलाश सकते हैं। हालांकि TVK ने साफ कहा है कि अगर जनता के जनादेश के खिलाफ कोई राजनीतिक गठजोड़ बनता है तो उसके विधायक इस्तीफा देने तक का फैसला ले सकते हैं। इसी बीच कांग्रेस से गठबंधन टूटने के बाद DMK ने लोकसभा में अपने सांसदों की सीट बदलने की मांग भी उठाई है।
सूत्रों के अनुसार विजय की संभावित कैबिनेट में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। चर्चा है कि VCK को एक मंत्री पद और CPI व CPI(M) को दो मंत्री पद दिए जा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तमिलनाडु में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अब सबकी नजर राज्यपाल और TVK की अगली बैठक पर टिकी हुई है। अगर समर्थन पत्रों का दावा सही साबित होता है तो राज्य में पहली बार विजय के नेतृत्व में नई सरकार बन सकती है।