हरियाणा में गर्मी का अलर्ट: 15 अप्रैल से लू चलने की चेतावनी, 40 डिग्री तक जा सकता है पारा
Apr 13, 2026 10:04 AM
हरियाणा। हरियाणा के आसमान से बादलों की विदाई के साथ ही अब सूरज ने अपनी तपिश दिखानी शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों से राहत दे रहा सुहावना मौसम अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में अब शुष्क मौसम का दौर शुरू हो गया है, जिससे दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विशेषकर दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिलों में पारा सामान्य से ऊपर जाने लगा है, जिससे लोगों को अब दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में पसीने छूटने लगे हैं।
रोहतक रहा प्रदेश में सबसे गर्म, नमी में आई गिरावट
फिलहाल राज्य के तापमान में करीब 1 डिग्री की वृद्धि हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, रोहतक जिला 35.2 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा है। हालांकि, रात का पारा अब भी सामान्य से करीब 3.7 डिग्री नीचे बना हुआ है, जिससे सुबह-शाम थोड़ी राहत है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि अब वातावरण से नमी गायब हो रही है और 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली शुष्क पछुआ हवाएं सक्रिय हो गई हैं। यही कारण है कि 15 अप्रैल के बाद दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे हरियाणा में गर्मी का असली रूप देखने को मिलेगा।
खेतों में बढ़ी हलचल, कटाई में जुटे किसान
एक तरफ जहां गर्मी आम जनजीवन को बेहाल करने वाली है, वहीं दूसरी ओर किसानों ने अपनी कमर कस ली है। बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने पहले ही गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। फसल के दाने काले पड़ने से पैदावार पर असर पड़ा है, जिससे किसान अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। मौसम साफ होते ही खेतों में कंबाइन और मजदूरों की संख्या बढ़ गई है। किसानों की कोशिश है कि तापमान 40 डिग्री के पार जाने और तेज हवाएं चलने से पहले फसल समेट ली जाए ताकि आगजनी या अन्य किसी कुदरती आपदा से बचा जा सके।
लू की स्थिति के लिए रहें तैयार
आने वाले एक हफ्ते के भीतर तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की सीधी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। 15 अप्रैल के बाद विशेषकर सिरसा, हिसार, भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे इलाकों में हीट वेव (लू) की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के वक्त सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।