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हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: मार्च में दिसंबर जैसी ठंड, अगले 15 दिन बारिश का अलर्ट

Mar 21, 2026 10:02 AM

हरियाणा।  चंडीगढ़ समेत पूरे हरियाणा में आज सुबह की शुरुआत घने कोहरे और सिहरन वाली ठंड के साथ हुई। कल तक जो लोग पंखे और एसी चलाने की तैयारी में थे, वे आज सुबह फिर से जैकेट और स्वेटर पहने नजर आए। असल में, पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने हरियाणा के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट कर रह गया है, जो सामान्य से करीब 10 डिग्री कम है।

पश्चिमी विक्षोभ की 'हैट्रिक': 28 मार्च तक नहीं थमने वाला सिलसिला

जींद, हिसार और अंबाला की मंडियों से लेकर रोहतक की गलियों तक, चर्चा बस इस बेमौसमी ठंड की है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है; आने वाले दिनों में एक के बाद एक तीन नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। पहला सिस्टम 21 से 23 मार्च के बीच दस्तक देगा, जिसके कारण पूरे प्रदेश में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इसके तुरंत बाद 24 मार्च और फिर 28 मार्च को एक और ताकतवर सिस्टम एक्टिव होगा, जो मार्च के आखिरी हफ्ते को भी ठंडा बनाए रखेगा।

किसानों की चिंता और आम जन को गर्मी से राहत

इस बदले हुए मौसम ने आम आदमी को तो चिलचिलाती धूप से बचा लिया है, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल की कटाई में देरी की आशंका बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज रात तक मौजूदा सिस्टम आगे निकल जाएगा, लेकिन हवाओं की दिशा बदलने से कल सुबह तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। फिलहाल, राहत की बात यह है कि 15 अप्रैल तक भीषण लू या गर्मी का प्रकोप देखने को नहीं मिलेगा।

बदलते मौसम में सेहत का रखें ख्याल

अचानक आए इस 'वेदर यू-टर्न' की वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। दिन और रात के तापमान में आ रहे इस भारी अंतर के कारण वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ सकते हैं। अगले दो हफ्तों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, इसलिए सुबह और देर रात की ठंड से बचना जरूरी है। हरियाणा सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग भी ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है।

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