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किसान सावधान! 21 मार्च तक हरियाणा में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

Mar 20, 2026 10:20 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर समेत समूचा हरियाणा इस वक्त कुदरत के दोहरे वार से जूझ रहा है। एक तरफ जहां मार्च की शुरुआत में गर्मी ने दस्तक दे दी थी, वहीं 18 मार्च की रात से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने पूरे प्रदेश को ओलों और ठंडी हवाओं की आगोश में ले लिया है। आलम यह है कि सोनीपत, महेंद्रगढ़ और पानीपत जैसे जिलों में सुबह से ही आसमान से पानी बरस रहा है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

खेतों में बिछी फसल, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

मौसम की इस बेरुखी ने सबसे ज्यादा हरियाणा के अन्नदाता को चोट पहुंचाई है। प्रदेश के खेतों में इस वक्त गेहूं की फसल कटाई की दहलीज पर है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने उसे जमीन पर बिछा दिया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश और ओलों का यह दौर 21 मार्च तक इसी तरह जारी रहा, तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं और पैदावार में बड़ी गिरावट आ सकती है। किसानों की साल भर की मेहनत पर अब कुदरत का पहरा लग गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी राहत के आसार नहीं

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, यह विक्षोभ मध्यम श्रेणी का है लेकिन इसका प्रभाव काफी व्यापक है। मौसम विभाग (IMD) ने साफ किया है कि 19 से 21 मार्च के बीच हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है। विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लें, क्योंकि आसमानी बिजली और ओलावृष्टि जानलेवा साबित हो सकती है।

तापमान में गिरावट और आगामी विक्षोभ का डर

इस बेमौसम बरसात ने मार्च के महीने में ही लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। उत्तर हरियाणा के जिलों में लगातार हो रही बूंदाबांदी से रात का पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन की मानें तो 21 मार्च के बाद ही आसमान साफ होने की उम्मीद है, लेकिन आने वाले दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ कतार में हैं। अगर ऐसा होता है, तो मार्च का आखिरी हफ्ता भी किसानों और आम जनता के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

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