हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: गुलाबी ठंड के बीच बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
Mar 17, 2026 10:22 AM
हरियाणा। मार्च की शुरुआत में जिस तरह से तपिश बढ़ रही थी, उसने मई-जून की याद दिलानी शुरू कर दी थी, लेकिन हालिया बारिश ने गर्मी पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। हरियाणा के आसमान पर एक बार फिर काले बादलों का डेरा जमने वाला है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी कर अगले दो दिनों के लिए अंधड़ और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया है। इसका सीधा असर न केवल हरियाणा के जिलों में बल्कि सटे हुए दिल्ली-NCR के इलाकों में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल सुबह-शाम की हल्की ठंड ने मौसम को सुहावना बना दिया है, लेकिन यह बदलाव किसानों के लिए आफत का संकेत भी हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: 40 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, 18 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में हवा के दबाव में बदलाव आएगा। 19 मार्च को पूरे प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और छिटपुट बारिश के आसार हैं। सबसे ज्यादा असर 20 मार्च को दिखने की संभावना है, जब हरियाणा के कुछ हिस्सों में बादल गरजने के साथ-साथ ओले भी गिर सकते हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि 21 मार्च से बादल छंटने शुरू हो जाएंगे और धूप निकलने से मौसम फिर से सामान्य होने की राह पर लौटेगा।
पारा लुढ़का: हिसार से लेकर गुरुग्राम तक राहत
तापमान के आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च के पहले हफ्ते में ही हिसार और आसपास के जिलों में पारा 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था। लेकिन पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि ने तापमान को जमीन पर ला दिया है। फिलहाल प्रदेश के अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान 26 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हिसार, जहां गर्मी सबसे ज्यादा पसीने छुड़ा रही थी, वहां अब तापमान 27 डिग्री के आसपास है। ठंडी हवाओं ने लोगों को दोपहर की चुभती धूप से बड़ी राहत दी है, जिससे 'गुलाबी ठंड' का अहसास लौट आया है।
किसानों के लिए 'रेड अलर्ट': फसल बचाने की जद्दोजहद
खेती-किसानी के लिहाज से यह मौसम काफी संवेदनशील है। सरसों की कटाई और गेहूं की परिपक्वता के इस दौर में बारिश और ओले सोना उगलती मिट्टी पर भारी पड़ सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि वे अभी खेतों में सिंचाई बिल्कुल न करें, क्योंकि तेज हवाओं के चलते खड़ी फसल गिरने (Lodging) का खतरा रहता है। इसके अलावा, कीटनाशकों के छिड़काव को भी फिलहाल टालने को कहा गया है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अनाज की ढेरियों को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि भीगने से नुकसान न हो।