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हरियाणा में मौसम का तांडव: कई जिलों में ओलावृष्टि, 21 मार्च तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट

Mar 19, 2026 10:03 AM

हरियाणा। हरियाणा में गुलाबी ठंड की विदाई से पहले मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं। कल हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश का पूरा परिदृश्य बदल दिया है। सबसे ज्यादा असर रेवाड़ी में देखा गया, जहां ओलों की सफेद चादर बिछ गई। इसके अलावा गुरुग्राम, भिवानी, हिसार और सिरसा में भी अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई है। इस बदलाव से तापमान में अचानक गिरावट आई है, जिससे लोगों को समय से पहले महसूस हो रही गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।

उत्तर-पूर्वी जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 50 की रफ्तार से चलेगी आंधी

मौसम विभाग की मानें तो राहत की उम्मीद अभी कम है। विभाग ने आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विशेष रूप से अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और सोनीपत-पानीपत के बेल्ट में मौसम का मिजाज ज्यादा बिगड़ने के आसार हैं। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो सकता है, इसलिए बेवजह बाहर निकलने से बचें।

किसान सावधान: सिंचाई रोकी और कटी फसल को ढंकें

खेतों में गेहूं और सरसों की फसलें कटाई के मुहाने पर हैं, ऐसे में यह बारिश किसी आफत से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि वे फिलहाल खेतों में पानी न दें। तेज हवाओं के बीच सिंचाई करने से फसल के जमीन पर बिछने (LODGING) का खतरा रहता है, जिससे दाना काला पड़ सकता है और पैदावार घट सकती है। साथ ही, कटी हुई फसल को सुरक्षित गोदामों में पहुंचाने या तिरपाल से ढंकने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलभराव की स्थिति में मेड़ काटकर पानी की निकासी तुरंत सुनिश्चित करें।

21 मार्च तक नहीं मिलेगी राहत, सक्रिय रहेगा पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर 21 मार्च तक हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में बना रहेगा। शनिवार को विशेष रूप से उत्तरी जिलों में इसका प्रभाव चरम पर रह सकता है। इस दौरान बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने ओलावृष्टि के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और कच्चे छप्परों से दूर रहने की अपील की है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।

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