Haryana Weather Update: हरियाणा के रेवाड़ी और अंबाला समेत 10 जिलों में आज भारी आंधी-तूफान का यलो अलर्ट
May 31, 2026 9:44 AM
हरियाणा। हरियाणा में जेठ की तपती दुपहरी और झुलसाने वाली लू (हीटवेव) पर फिलहाल मौसम के बदले मिजाज ने ब्रेक लगा दिया है। पिछले दो-तीन दिनों से आसमान में बादलों की आवाजाही, तेज धूलभरी हवाओं और अचानक हुई बूंदाबांदी ने फिजा में हल्की ठंडक घोल दी है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान विभाग ने आज भी सूबे के 10 जिलों— कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, पलवल और नूंह में आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मैदानी इलाकों में तेज रफ्तार हवाएं चलने की आशंका है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
दिन का पारा सामान्य से 8.6 डिग्री लुढ़का
मई के आखिरी दिनों में आम तौर पर जहां पारा 45 डिग्री के पार चला जाता था, वहीं इस बार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते सूबे के औसत अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की और कमी दर्ज की गई है। इसके चलते दिन का पारा सामान्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है। रेवाड़ी, अंबाला, रोहतक, हिसार और फरीदाबाद जैसे प्रमुख जिलों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिसने मई के महीने में लोगों को मार्च-अप्रैल जैसी राहत का अहसास करा दिया है।
तूफान का तांडव: कहीं खंभे उखड़े तो कहीं उड़ी टीन की चादरें
राहत की इस बौछार के बीच कल राज्य के 10 जिलों— पंचकूला, फतेहाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, हांसी, जींद, सोनीपत, सिरसा और फरीदाबाद में मौसम ने रौद्र रूप भी दिखाया। धूलभरी आंधी और तेज बारिश के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें हैं। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए, जिससे घंटों तक बत्ती गुल रही। कुछ देहाती और औद्योगिक इलाकों में घरों व फैक्ट्रियों के ऊपर रखे टीन शेड हवा में उड़ गए। हालांकि, इस अफरातफरी के बीच उमस भरी गर्मी से लोगों को पूरी तरह निजात मिल गई।
जून के पहले हफ्ते तक नहीं सताएगी लू, पर मानसून का लंबा इंतजार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कल उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों (हिमालयी इलाकों) में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हुआ है। इसका सीधा असर हरियाणा के मैदानी इलाकों पर दिख रहा है। अगले दो दिनों तक सूबे में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। राहत की बात यह है कि एक के बाद एक आ रहे इन वेदर सिस्टम्स के कारण जून के पहले सप्ताह तक लू चलने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, जो लोग झमाझम मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें बता दें कि हरियाणा में मानसून की आधिकारिक एंट्री के लिए अभी करीब 1 महीने का वक्त बाकी है।