हरियाणा में दो दिन बाद बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ के असर से 15 मार्च को बारिश के आसार
Mar 11, 2026 11:29 AM
हरियाणा। हरियाणा में मार्च की शुरुआत से ही तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को परेशान कर दिया है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 15 मार्च के आसपास राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम में यह बदलाव किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत लेकर आ सकता है। पिछले कुछ दिनों से सूखे मौसम और तेज धूप के कारण खेतों और शहरों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा था।
कई जिलों में 35 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
राज्य के कई शहरों में गर्मी ने तेजी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
इसके अलावा नारनौल, हिसार, नूंह, भिवानी, चरखी दादरी और गुरुग्राम जैसे जिलों में भी तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। मार्च के शुरुआती दिनों में इतनी गर्मी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
गर्म हवाओं से बढ़ी परेशानी
दिन के समय तेज धूप और पिछले दो दिनों से चल रही गर्म हवाओं ने लोगों को काफी परेशान किया है। कई जगहों पर घरों और दुकानों में पंखे और कूलर चलने लगे हैं।
बाजारों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। शीतल पेय पदार्थ, कुल्फी, आइसक्रीम, फलों का जूस, लस्सी और मिल्क शेक की मांग बढ़ने लगी है। साथ ही गर्मी बढ़ने के कारण सूती कपड़ों की बिक्री में भी तेजी आई है।
14 मार्च को सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार 12 मार्च तक हरियाणा में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।
इसके बाद 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से राज्य के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में 2 से 4 डिग्री गिरावट की संभावना
मौसम में बदलाव के बाद तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। विभाग का अनुमान है कि बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।
ऐसे में लगातार बढ़ रही गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है और किसानों को भी फसलों के लिए अनुकूल मौसम मिलने की उम्मीद है।