अगले 3 दिन लगातार होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया 'यलो अलर्ट'
Jun 16, 2026 9:52 AM
हरियाणा में पिछले दो दिनों की शांति के बाद सोमवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। मंगलवार सुबह कैथल, फतेहाबाद, सोनीपत, हिसार, महेंद्रगढ़, हांसी और रोहतक में तेज हवाओं के साथ बारिश की फुहारें पड़ीं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सभी 23 जिलों में आंधी और बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर आंधी और बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है।
इस बदलते मौसम ने जहां एक तरफ झुलसाने वाली गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ तेज आंधी और बवंडर ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। भिवानी के सिवानी इलाके में सोमवार को करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का एक विशाल बवंडर उठता हुआ देखा गया, जिसे देखकर लोग सहम गए। इसके अलावा हांसी में आंधी के कारण एक मोबाइल टावर भी जमींदोज हो गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार पहाड़ी इलाकों में एक के बाद एक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कारण मैदानी इलाकों के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा पलवल, रेवाड़ी, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों को मिला, जहां बदरा सामान्य के मुकाबले कहीं ज्यादा बरसे। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सिरसा जिले में सबसे अधिक 19 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिसने इलाके के भूजल स्तर और किसानों को बड़ी राहत दी है।
फरीदाबाद रहा सबसे गर्म, फिर भी नियंत्रण में है पारा
बारिश और ठंडी हवाओं के इस दौर का सीधा असर तापमान की रीढ़ पर पड़ा है। पिछले 24 घंटों के दौरान ही प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पूरे सूबे में कहीं भी पारा 40 डिग्री के आंकड़े को पार नहीं कर पाया। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद 39.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य में सबसे गर्म इलाका जरूर रहा, लेकिन यह भी सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा दिल्ली से सटे गुरुग्राम में 36.2 डिग्री और कृषि प्रधान जिले हिसार में 36.9 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया, जिसने तपती दोपहरियों को सुहावना बना दिया है।
दिन में अंधड़, तो रात में ठंडी हवाएं; गायब हुई उमस
इस मौसमी उलटफेर का असर केवल दिन के वक्त ही नहीं, बल्कि रातों के मिजाज पर भी साफ दिख रहा है। पिछले कुछ दिनों से दोपहर या शाम के समय अचानक चलने वाली धूलभरी आंधी और उसके बाद हो रही बूंदाबांदी ने फिजां में ठंडक घोल दी है। यही वजह है कि सूबे में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य के मुकाबले 1.5 डिग्री से लेकर 3.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। देर शाम ढलते ही चलने वाली पुरवाई हवाओं ने उस चिपचिपी उमस को पूरी तरह गायब कर दिया है, जो अमूमन जून के महीने में लोगों का जीना मुहाल कर देती थी।